Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

फुटबॉल मैदान बचाने के लिए बच्चे बैठे भूख हड़ताल पर

233

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

गुरूग्राम- सोहना क्षेत्र का गांव घामड़ोज में युवा अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके के दबंगों को चुनौती दे रहे हैं अपने हक की लड़ाई में लड़के और लड़की कंधा मिलाकर खड़े हैं सबके दिमाग में सिर्फ है ही विचार चल रहा है किसी भी तरह अपने फुटबॉल ग्राउंड को बचाना है । इसके लिए गांव के युवा भूख हड़ताल कर अपने जिंदगी को भी दांव पर लगा रहे हैं लेकिन प्रशासन और सरकार के कान पर कोई जूं तक नहीं रेंग रही हैं जिले का कोई भी आलाधिकारी गांव में इन युवाओं को आश्वासन तक देने नहीं पंहुचा है ।

आईये अब आपको पूरे मामले से रुबरू कराते हैं । गुरूग्राम के सोहना विकास खण्ड घामड़ोज गांव स्थित है ।  ग्राम पंचायत द्वारा गांव की कुछ जमीन खेल मैदान बनाने के लिए दी गई थी । दी गई जमीन पर बच्चों ने खुद कुदाल-फावड़े चलाकर जमीन को समतल किया और अपने खेलने लायक बनाया । इस ग्राउंड ने देश को कई प्लेयर भी दिए हैं इसी मैदान पर अभ्यास करके विकास राघव ने संतोष ट्रॉफी का सफर तय किया तो वही इसी मैदान पर पसीना बहाकर खुशी राघव स्टेट प्लेयर बनी हैं।

मैदान बचाने के लिए धरने पर बैठी फुटबॉल खिलाड़ी खुशी राघव

इसी ग्राउंड से प्रेक्टिस करके 9 फुटबॉल खिलाड़ी दिल्ली लीग में खेलते हैं । कोच महेश राघव की बच्चों के साथ धरने पर बैठे हुए हैं उनका कहना है कि ये हमारे साथ ज्यादती है अगर ये मैदान छिन गया तो क्षेत्र की प्रतिभाओं का कहां तराशा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मैदान ने देश को कई प्लेयर दिए है अगर इस फुटबॉल ग्राउंड को छिन लिया गया तो आने वाले वक्त में देश कई अच्छी प्रतिभाओं का खेल देखने से वंचित रह जाएगा।

- Advertisement -

फाइल फोटो- फुटबॉल मैदान

- Advertisement -

अब इस ग्राउंड को किसी नजर लग चुकी है अरावली पहाडियों की तलहटी में बसे गांव घामडोज का ये मैदान अब उजाड़ दिया गया है इसी के साथ इस आस-पास के गांव के बच्चों के सपनों को भी प्रशासन ने रौद दिया है । वन विभाग ने इस मैदान की जमीन पर अपना दावा ठोक दिया है और वृक्षारोपण भी कर दिया है स्थानीय निवासी शील राधव का कहना है कि ग्राम पंचायत ने ये जमीन बच्चों को खेल मैदान के लिए दी थी लेकिन पास में एक मंत्री के करीबी की जमीन होने के चलते उन्होंने वन विभाग को इस जमीन पर कब्जा करने का आदेश दिया है

14 अप्रैल से बच्चे भूख हड़ताल पर बैठे हैं अभीतक तीन बच्चे जिनका नाम अमन, सौरभ और दिपांशु की हालत खराब हो चुकी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है लेकिन सोहना विकास खंड के बीडीओ के अलावा कोई भी अधिकारी इन भूख हड़ताल पर बैठे बच्चों के पास नहीं पहुचा हैं खुशी राघव का कहना है कि अभी तक उन्हें प्रसाशन की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला है खुशी ने कहा जब तक उनका ग्राउंड नहीं बच जाता तब तक ये लडाई जारी रहेगी। अपने भाई –बहनों का साथ देने के लिए गांव के छोटे बच्चे भी धरना स्थल पर बैठे हुए हैं। भूख हड़ताल पर बैठे बच्चों का साथ देने के लिए उनकी मां भी मैदान पर आ गई हैं और अपने बच्चों से साथ धरने पर बैठ गई हैं।

बच्चों के साथ उनकी माताएं भी अब धरने पर बैठ चुकी हैं

हैरानी के बात ये कि पंचायती राज विभाग इस जमीन पर व्यायामशाला के निर्माण के लिए पच्चीस लाख का टेंड़र भी जारी कर चुका है मुकेश राघव कहते हैं कि सारे मामले में एक मंत्री जी शामिल हैं उन्हीं के इशारे पर इस मैदान पर कब्जा किया जा रहा । उनका कहना है कि मंत्री के एक करीबी की जमीन मैदान के पास औऱ मंत्री के करीबी नहीं चाहते हैं कि मैदान वहां बने ग्रामवासी आरोप लगाते हुए कहते हैं कि मंत्री के इशारे पर ही सब कुछ हो रहा है।

- Advertisement -

4 Comments
  1. Aarti says

    Good news , related to rural india

  2. Sheel Kumar Singh says

    Ye beti ke sath galaxy ho rahah

  3. Sheel Kumar Singh says

    🙏🌹बेटी की पुकार ” मोदीजी आओ हमे हमारा हक़ दिलवाओ ” बेटी कैसे पढ़ पाएगी जब राजनीति टांग अड़ाएगी

  4. Sheel Kumar Singh says

    4th day of hunger strike, now AISF (All india student federation has come up for support

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More