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बदलेंगे कश्मीर के हालत , सरकार पूरी तरह तैयार

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नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में आतंकी खतरे, सुरक्षा तैयारियों और आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को उच्च स्तरीय बैठक की। संसद भवन परिसर में अमित शाह के दफ्तर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गृह सचिव राजीव गौबा के साथ ये अहम बैठक लगभग दो घंटे तक बैठक चली। सोमवार को कैबिनेट की भी बैठक बुलाई गई है। सामान्य रूप से बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक को सोमवार को बुलाए जाने को कश्मीर से जोड़कर देखा जा रहा है। उधर, रविवार देर शाम श्रीनगर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

अजीत डोभाल के साथ अमित शाह की बैठक के बारे में कुछ भी नहीं बताया जा रहा है लेकिन गृहमंत्रालय में अतरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार फाइलों के साथ संसद अमित शाह से मिलने पंहुचे। ज्ञानेश गृह मंत्रालय में कश्मीर मामले देखते हैं इसलिए इस मीटिंग को और भी ज्यादा अहम माना जा रहा है ।

श्रीनगर में फारुख अब्दुल्ला के घर में कश्मीर के हालात पर मीटिंग करते विपक्षी नेता

फोर्स की तैनाती से लोग सहमे- फ़ारूख अब्दुल्ला 
नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्‍दुल्‍ला के घर रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। सर्वदलीय बैठक के बाद फारूख अब्‍दुल्‍ला ने कहा कि कश्‍मीर में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। कश्‍मीर के लिए सबसे बुरा वक्‍त है। कश्‍मीर का विशेष दर्जा बचाए रखने के लिए हम साथ आए हैं। पहले कभी समय से पहले अमरनाथ यात्रा खत्‍म नहीं हुई। भारी संख्‍या में फोर्स की तैनाती से घाटी के लोग घबराए हुए हैं। भारत-पाकिस्‍तान के बीच तनाव से दोनों देशों को नुकसान होगा। सरकार कोई ऐसा कदम नहीं बढ़ाए जिससे तनाव बढ़े। जम्‍मू-कश्‍मीर का विशेष दर्जा नहीं छीना जाना चाहिए।

 
कश्मीर में जारी गहमागहमी के बीच पुंछ में जिला प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स  की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया है। यह फैसला जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी एक एडवाइजरी के बाद आया है, जिसमे अमरनाथ यत्रियों और पर्यटकों को कश्मीर छोड़ने के लिए कहा गया है।

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सोमवार को संसद में मुद्दा उठाएगा विपक्ष

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विपक्ष ने सरकार को जम्मू-कश्मीर में आनन-फानन में कोई कदम उठाने को लेकर सचेत किया है। विपक्षी दलों ने अमरनाथ यात्रा को बीच में रद करने से लेकर जम्मू-कश्मीर को लेकर एनडीए सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कदमों और वहां के राजनीतिक दलों में मची अफरातफरी के मुद्दे को संसद में उठाने का फैसला भी किया है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल सोमवार को इस पर सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगेंगे। कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस, पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और वामपंथी दल संसद में सरकार से जम्मू-कश्मीर पर राजनीतिक दलों को भरोसे में लेने का आग्रह भी करेंगे।

सरकार कुछ बड़ा फैसला कर सकती है

सूत्रों की माने तो सरकार जल्द ही जम्मू और कश्मीर को लेकर बड़ा फैसला कर सकती है । भाजपा ने अपने संकल्पपत्र में भी धारा 370 और 35 ए को हटाने की कृतसंकल्पता दोहराई थी और गृहमंत्री भी धारा 370 को स्थायित्व को लेकर संसद में साफ कर चुके हैं कि ये धारा अस्थाई है ।

राज्यसभा में सोमवार को पेश होगा जम्मू-कश्मीर आरक्षण बिल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण (द्वितीय संशोधन) बिल, 2019 पेश करेंगे। लोकसभा में यह बिल एक जुलाई को पास हो चुका है।

 

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