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मोदी विरोधियों को सोशल मीडिया पर मिलता है तुर्की और पाकिस्तान के साथ / मोदी के पक्ष में राष्ट्रवादियों ने फलक को किया है व्यापक

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नई दिल्ली- समय-समय पर ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट (फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब) सामने आते हैं जो भारत के विरूद्ध प्रोपोगैंडा और झूठी खबरें फैलाते हैं, प्रधानमंत्री मोदी और उनके सहयोगियों के विज़न के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और सनातनी परंपरा का उपहास उड़ाते या उन्हें अपमानित करते हैं। ऐसे एकाउंट्स की अधिकतर पोस्ट पर लाइक्स की संख्या आसानी से बीस हज़ार पार कर जाती है और 4000 से अधिक शेयर हो जाते हैं, दो लाख लोग ट्वीट को लाइक कर देंगे और बीस हज़ार लोग रीट्वीट कर देंगे, वीडियो को 2 से 4 लाख लोग देख लेते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी से सहमति या असहमति अपनी जगह है, भारत की नीतियों को लेकर शंका हो सकती है, लेकिन राष्ट्र को तोड़ने और देशद्रोह जैसी सोशल मीडिया की पोस्ट को कैसे इतने लोग लाइक कर देते हैं ? कौन है वह लोग ? आखिरकार नेपथ्य में क्या चल रहा होता है ? जानने का प्रयास करते हैं ?
इसको समझने के लिए वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों को एक बार पुनः देखते हैं। इन चुनावों में भाजपा को कुल 23 करोड़ वोट मिले (मैं NDA की बात नहीं कर रहा हूँ); जबकि कांग्रेस को 12 करोड़ तथा दोनों कम्युनिस्ट पार्टी को मिलाकर लगभग डेढ़ करोड़ वोट मिले थे। यह भी याद रखिये कि बहुसंख्यक जनता में 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद भारी नाराजगी के बाद भी 2009 के चुनाव में कांग्रेस चुनाव जीत गयी थी।
दूसरे शब्दों में ऐसे बहुत से लोग हैं जो आतंकवादी घटनाओं को इग्नोर कर देते हैं, भारत भूमि के पवित्र संतों की हत्या करते हैं, अपमानित करते हैं, तथा हमारी मूल्यों और आस्थाओं पर चोट करते हैं। मत भूलिए कि देवी दुर्गा के लिए अपमानित शब्दों का प्रयोग जेएनयू जैसे विश्वविद्यालय में हुआ था। वहीं से ही टुकड़े-टुकड़े जैसे नारे लगाए थे।
छह दशकों तक सत्ता का लाभ उठाने के कारण कांग्रेस तथा उसकी समर्थक कम्युनिस्ट पार्टी – और अब “आप” के समर्थकों – ने एक ऐसा समूह तैयार कर लिया है जो आइडिया ऑफ इंडिया या “भारत की परिकल्पना” से ही घृणा करते हैं। यह समूह “ब्राह्मणवादी पितृसत्ता” की निंदा करेगा (जैसे कि सेक्युलर समुदाय मातृसत्ता की पूजा करता है) लेकिन जैसे ही जमातियों की बात आएगी, उसे हेट स्पीच बोल दिया जाएगा।
अतः इस समूह के प्रमुख लोगो की किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट पर कुछ हज़ार या लाख लाइक्स आ जाना सामान्य है। इनमे से बहुत से लोग आतंकी राष्ट्र के होते है जो अंग्रेजी लिपि में “हिंदी” लिखते है; उनके कुछ शब्दों से ही समझ में आ जाता है कि वे भारतीय नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार पकिस्तान और टर्की में ऐसी कम्पनिया है जो कुछ पैसे के लिए फेक लाइक, रीट्वीट और फॉलोवर्स बेचते है। इनके दाम प्रति हज़ार की दर से लगाए जाते है।
आपको यह भी देखना होगा कि इनकी पोस्ट को लाइक करने वाले लोग कौन है। आप नाम तो देख ही सकते है। कई नामो के आगे पाकिस्तान और टर्की के झंडे लगे होते है। इसके अलावा कई लोग सनातनी पहचान की छद्म आड़ में कही और शीश झुकाते है जो इनकी प्रोफाइल और टाइमलाइन से पता चल जाता है।
लेकिन यह लाइक और रीट्वीट करने वाले लोग सीमित होते है। भारत जैसे विशाल देश में कुल मिलकर ऐसे 20-25 लाख लोग ही होंगे जो एक-दूसरे की पोस्ट को लाइक और शेयर करते रहते है, मित्र सूची कॉमन होती है, लेकिन इनमे से आधे वोट नहीं डाल सकते। उदाहरण के लिए, अवार्ड वापसी गैंग, लुट्येन्स पत्रकार और “सेक्युलर” फिल्म स्टार्स एक दूसरे को प्रमोट करते रहते है।
इसके विपरीत राष्ट्रवादियों की मित्र सूची व्यापक होती है, कुछ लोगो को छोड़कर कॉमन मित्रो की संख्या बहुत ही कम है। स्टार सोशल मीडिया एकाउंट्स और दद्दा-दद्दीयों की संख्या सीमित है। कुछ लोगो की सूची में “निशा जिंदल” तो मिल “जाएगा”, लेकिन पाकिस्तान और टर्की के झंडे वाला “मित्र” नहीं मिलेगा। पोस्ट, ट्वीट और यू ट्यूब बहुत ही व्यापक शेयर किये जाते है, और लगभग सब के सब मतदाता है। अतः ऐसे लोगो का संचित प्रभाव कई गुना होता है।
इसलिए कुछ राष्ट्र-विरोधी तत्वों की सोशल मीडिया पे लोकप्रियता से विचलित मत होइए।
प्रधानमंत्री मोदी के विज़न और नेतृत्व पे विश्वास बनाये रखिये। यही एक विश्वास इनको निस्तेज और हताश कर देता है।

ये आर्टिकल फेसबुक से लिया गया है इसके लेखक अमित सिंघल हैं आर्टिकल में व्यक्त राय लेखक के निजी विचार है, इनका लेखक के एम्प्लायर या कार्यालय से कोई सम्बन्ध नहीं है।

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1 Comment
  1. DHANOJ KUMAR says

    भारत देश में अलग अलग विचारधारा के लोग है जो अलग अलग विचार रखते हैं साथ ही अलग अलग के धर्म को मानने वाले लोग है जिनका धार्मिक उन्माद भाई है जिस कारण भारत के लोग का मत भी अलग अलग है भारत में अनेक राजनीतक पार्टी है जिनका विचार धारा भी अलग अलग है , जिस कारण लोग विचार धारा में कैद हो कर रह जाता है जिस वजह से लोग विपरीत दिशा में भ्रमण करते है जो विचार धारा कीतेज हवा में वह जाते है जिस कारण लोग देश प्रेम से दूर होकर खुद के गुणगान में लग जाते है जबकि देश सबसे पहले हो लेकिन लोग सिर्फ झूठ सच के आइने में खुद को देखते है जिस कारण कुछ लोग कुछ लोग को हमेशा टारगेट करता है यही वजह है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के समर्थक को इस तरह का फरमान मिलता रहता है, मगर इससे घबराने कि जरूरत नहीं है लोगों में मोदी नाम का डर भी है क्योंकि जो लोग पाकिस्तानी लाभ के लिए भारत विरोधी काम करते हुए अा रहे है उनको तो मोदी नाम से डर तो लगेगा ही, जिस कारण मोदी समर्थक को धमकी मिलता ही रहता है जो निशानी है भारत की तरक्की,

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