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भारत चीन (गालवन घाटी):आखिर बिना गोली चले कैसे शहीद हुए भारतीय जवान

लद्दाख की पूर्वी इलाके गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच फिर से हिंसक झड़प

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नई दिल्ली- लद्दाख की पूर्वी इलाके गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच फिर से हिंसक झड़प कि खबरें आई है। बताया जाता है कि यह घटना सोमवार रात हुई। इस घटना में दोनों ओर के जवान हताहत हुए है। सेना की तरफ से जारी किये गए बयान के मुताबिक, एक अधिकारी और दो जवान शहीद हुए हैं। घटना के बारे में जो शुरुआती जानकारी आ रही है, उसके मुताबिक सीमा पर गोली नहीं चली है। रिपोर्ट्स के अनुसार,यह बताया जा रहा है कि चीनी सैनिकों ने लाठी-डंडों और पत्‍थरों का इस्‍तेमाल कर घटना को अंजाम दिया है । तीन जवान किस तरह शहीद हुए, इसे लेकर तस्वीरें साफ नही है ,अटकलें लग रही हैं कि चीनी सैनिकों ने धक्‍कामुक्‍की की जिससे भारतीय सैनिक फिसल गए और खाई में जा गिरे। हालांकि अभी सेना की ओर से इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सेना के अनुसार, गलवान घाटी में हालात ठीक करने के लिए दोनों देशों के मेजर जनरल्‍स आपस में बात कर रहे हैं।

सोमवार रात हुई हिंसक झड़प में दोनों ओर के सैनिक मारे गए। जानकारी के मुताबिक, चीन ने तीन से ज्‍यादा सैनिकों को खोया है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।घायलों को स्‍ट्रेचर पर ले जाते देखा गया। हलांकी सेना अपने बयान में चीनीयों को हुए नुकसान के बारे में साफ तौर पर नही कुछ कहा। बयान में बस इतना कहा गया कि ‘दोनों तरफ नुकसान हुआ है। सुत्रों के मुताबिक’चीनी सैनिकों की तरफ से लाठी-डंडों और पत्‍थरों के इस्‍तेमाल की बात भी सामने आ रही है।

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भारत-चीन सीमा पर लगभग 45 साल बाद किसी सैनिक की जान गई है। इस झड़प की गंभीरता को देखते हुए फौरन दोनों देशों के बीच जनरल लेवल की बातचीत शुरू हो गई है। सीमा पर हिंसक झड़प की जानकारी मिलते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक की। इसके साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सीमा के ताजा घटनाक्रम और जवाबी कार्रवाई पर चर्चा हुई। ANI ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने पठानकोट मिलिट्री स्‍टेशन का अपना दौरा रद्द कर दिया है।

दशकों की शांति हुई भंग

1967 के बाद शायद ही कभी भारत-चीन के बीच ऐसी तनातनी देखने का नहीं मिली है। 2017 में हुई डोकलाम विवाद के दौरान भी गोली नही चली। साल 1975 में LAC पर आखिर बार चीन के हमले में भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। उस वक्त अरुणाचल प्रदेश में चीन ने घात लगाकर हमला किया था जिस वजह से चार सैनिक शहीद हुए थे। भारत का आरोप था कि चीन बॉर्डर पार कर हमला किया था।लेकिन आदत से मजबूर चीन फिर मुकर गया। तबसे लेकर सोमवार तक, बॉर्डर पर झड़प तो कई बार हुई लेकिन किसी की जान नहीं गई थी।

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