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आर्मी , एयरफोर्स और नेवी एक साथ मूव कर सकती हैं – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

देश की तीनों सेनाएं कहीं भी एक साथ मूव कर सकती है । हमारी क्षमताओं को कम ना आंके

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ जारी गतिरोध के मुद्दे पर बुलाई गई बैठक में सभी दलों को आश्वस्त किया कि देश की सेना कभी भी किसी भी परिस्थिति से निपटने में सक्षम है। पीएम ने सभी दलों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों के विचार जानने के बाद अपने संबोधन में एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेनाएं हर सेक्टर में एक साथ मूव करने में पूरी तरह सक्षम है। यानि देश की तीनों सेनाएं एक साथ किसी भी सीमा पर आसानी के साथ मूव कर सकती हैं और दुश्मन को जवाब दे सकती हैं । पीएम ने कहा बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का अच्छा विकास हुआ है जिससे हमारे जवान अब सीमा के उन क्षेत्रों की निगरानी भी कर पा रहे हैं जहां पहले निगरानी संभव नहीं थी ।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज हमारे पास ये कपैबिलिटी है कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देख सकता। आज भारत की सेनाएं हर सेक्टर में एक साथ मूव करने में पूरी तरह सक्षम है।’ उन्होंने चीन के संदर्भ में कहा, ‘ऐसे में हमने जहां एक तरफ सेना को अपने स्तर पर उचित कदम उठाने की छूट दी है, वहां दूसरी तरफ राजनयिक माध्यमों से भी चीन को अपनी बात दो-टूक स्पष्ट कर दी है।’

बॉर्डर एरिया में हुआ सड़कों का विकास

दरअसल, भारत ने पिछले कुछ वर्षों से सीमाई इलाकों में बुनियादी ढांचा निर्माण पर विशेष जोर दिया है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय मीटिंग के माध्यम से देश को यह आश्वस्त कर सके कि आर्मी, नेवी और एयर फोर्स- एक साथ एक सीमा से दूसरी सीमा की तरफ तुरंत मूव कर सकते हैं। पीएम ने अपने संबोधन के दौरान कहा भी, ‘बीते पांच वर्षों में देश ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए बॉर्डर एरिया में इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को प्राथमिकता दी है। हमारी सेनाओं की दूसरी आवश्यकताओं, जैसे फाइटर प्लेन्स, आधुनिक हेलीकॉप्टर, मिसाइल डिफेंस सिस्टम आदि पर भी हमने बहुत बल दिया है।’

हमारी प्रट्रोलिंग कैपेसिटी बढ़ने से बौखला रहा है चीनी

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पीएम ने बताया कि नए-नए बुनियादी ढांचों के निर्माण से सेना की मूवमेंट तेज और आसान हो गई है। मोदी ने खासकर चीन से लगी वास्विक नियंत्रण रेखा (LAC) के बारे में कहा, ‘नए बने इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से खासकर एलएसी में हमारे पैट्रोलिंग की कपैसिटी भी बढ़ गई है। पैट्रोलिंग बढ़ने की वजह से सतर्कता बढ़ी है और एलएसी पर हो रही गतिविधियों के बारे में भी समय पर पता चल रहा है। जिन क्षेत्रों पर पहले बहुत नजर नहीं रहती थी, अब वहां भ हमारे जवान अच्छी तरह मॉनिटर कर पा रहे हैं, रिस्पॉन्ड भी कर पा रहे हैं।’

तीनों सेनाएं हाई अलर्ट पर

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों को बताया कि देश की सेनाएं उचित कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको भी आश्वस्त कर रहा हूं कि हमारी सेना देश की रक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। डिप्लॉयमेंट हो, ऐक्शन हो, काउंटर ऐक्शन हो- जल, थल, नभ में हमारी सेनाओं को देश की रक्षा के लिए जो करना है, वो कर रही है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के सैनिकों की वीरता, कौशल और सूझबूझ पर पूरे देश की अटूट आस्था है। मोदी ने कहा, ‘हम सभी देश की सीमाओं की रक्षा में दिन-रात लगे हमारे वीर जवानों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उनकी वीरता, उनके कौशल, उनकी सूझ-बूझ पर देश अटूट विश्वास रखता है।’

चीन के धोखे के बाद बुलाई सर्वदलीय बैठक

लद्दाख की गलवान घाटी में पैट्रोलिंग पॉइंट 14 पर चीनी सैनिकों ने 15 जून को भारी तादाद में जमा होकर भारतीय सैनिकों पर धोखे से हमला कर दिया था। अचानक हुए हमले का जवाब देते हुए 20 भारतीय सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया । चीन के धोखे के बाद पैदा हुई  गंभीर परिस्थिति के मद्देनजर प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई । बैठक में  प्रधानमंत्री ने उन वीर जवानों को भी याद किया। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ‘लद्दाख में हमारे 20 जाबांज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए। उनका ये शौर्य, ये बलिदान हमेशा हर भारतीय के मन में अमिट रहेगा।’ ऑल पार्टी मीटिंग की शुरुआत से पहले पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत तमाम नेताओं ने शहीदों को नमन किया और उन्हें खड़े होकर श्रद्धांजलि दी।

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