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एलएसी पर कभी भी खराब हो सकते हैं हालात, भारत ने अग्रिम मोर्चों पर बढ़ाई सैनिकों की तादाद

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नई दिल्ली- पूर्वी लद्दाख के इलाकों में एलएसी(LAC) पर चीनी सैनिकों की भारी संख्या में मौजूदगी बनी हुई है। चीनी सैनिकों के द्वारा एलएसी का अतिक्रमण भी किया गया है। चीनी सैनिकों (PLA) की मौजूदगी का जवाब देने के लिए भारत ने भी अग्रिम मोर्चे पर तैनात अपने सैनिकों की संख्या में इजाफा कर दिया है। लद्दाख में एलएसी के सभी अग्रिम मोर्चो पर सैनिकों की संख्या बढ़ाने के साथ ही चीन से लगी सभी सीमाओं पर सैन्य तैनाती में और इजाफा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पूर्वी लद्दाख में एलएसी के कई अग्रिम मोर्चो पर चीनी अतिक्रमण की खुराफात से पैदा हुए ताजा हालात को देखते हुए सैनिकों की संख्या में इजाफा किया गया है। तोपों को भी मोर्चे पर लगाया जा रहा है। चीन की हाल फिलहाल के रवैये को देखते हुए सेना चीन पर थोड़ा भी विश्वास नहीं करना चाहती है। हाल में ही मोल्डो में लेफ्टिनेंट जनरल की वार्ता में चीन गलवान वैली से अपने सैनिको को पीछे हटाने के लिए तैयार हो गया था । दिन में  ऐसी खबरें भी आई थीं कि चीन अपने सैनिकों और हथियारों को पीछे ले रहा है। लेकिन इसके बाद चीन ने पैंगोंग त्सो में और देपसोंग में दवाब बढ़ा दिया है। इस दोनो क्षेत्रों में चीन सैनिकों और हथियारों संख्या बढ़ा दी है जो चिंताजनक है।

चीन की नीयत ठीक नहीं लग रही

गलवन घाटी में फिंगर चार से आठ के बीच तो पेट्रोलिंग प्वाइंट 14, पैंगोंग त्सो लेक के निकट चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक बड़ी तादाद में एलएसी का अतिक्रमण कर घुस आए हैं। पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के करीब जहां 15-16 जून की रात चीनी सैनिकों को खदड़ने के खूनी संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे वहां चीनी सैनिकों ने टेंट लगाने के साथ कुछ निर्माण भी कर लिया है। दौलत बेग ओल्डी और डेपसांग के इलाकों में भी एलएसी की मर्यादा का अतिक्रमण कर चीनी सैनिक बड़ी संख्या में मौजूद बताए जा रहे हैं। इसीलिए भारतीय सेनाओं को संख्या अग्रिम मोर्चे व एलएसी पर और बढ़ाई गई है।

India china border tension

आर्मी चीफ शीर्ष नेतृत्व से सलाह-मशविरा करेंगे

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सैनिक साजो-सामान और सैन्य वाहनों का जमावाड़ा भी इसी अनुरूप में बढ़ाया जा रहा है। गलवन घाटी की घटना के बाद भी एलएसी पर चीनी सैनिकों की मोर्चेबंदी से पैदा हुए हालात का दो दिनों तक जायजा लेकर सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवाणे गुरूवार को लद्दाख से दिल्ली लौट आए। एलएसी पर स्थिति को देखते हुए सेना प्रमुख ने बुधवार को ही अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों को पूरी ताकत से डटे होने का हौसला भी भरा था। सेना प्रमुख पूर्वी लद्दाख समेत चीन सीमा की स्थिति को लेकर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से भी मशविरा करेंगे।

चीन के अतिक्रमण पर भारत के तेवर सख्त

विदेश मंत्रालय ने गुरूवार को पूर्वी लद्दाख के इलाकों में एलएसी का अतिक्रमण कर चीनी सैनिकों के निर्माण कार्यों को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद गंभीर बता साफ संदेश दे दिया कि चीनी हरकत से सीमा पर मौजूदा तनाव की स्थिति और बिगड़ सकती है। जाहिर तौर पर चीन को आगाह करने वाली यह चेतावनी देते हुए भारत ने सीमा पर सैन्य मोर्चेबंदी की मौजूदा स्थिति का भी आकलन किया होगा। अतिक्रमण को लेकर भारत के सख्त हुए तेवर से भी जाहिर है कि चीन को उसकी चालबाजी का जवाब देने के लिए सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाना ही होगा।  अलर्ट वायुसेना और नौसेना भी ताजा हालात के हिसाब से निरतंर अपनी रणनीति की समीक्षा कर रही हैं और अलर्ट पर हैं।

अमेरिका यूरोप से सैनिकों को निकालकर एशिया में तैनात करेगा

अमेरिका विदेश मंत्री माइक पोम्पियो का बयान आया है कि ताजा हालात को देखते हुए अमेरिका अपने सैनिकों को यूरोप से निकाल कर एशिया में तैनात करेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री का कहना है कि दक्षिण और पूर्वी एशिया में चीन के विस्तारवादी रवैये के चलते हालत नाजुक हैं। इसलिए अमेरिका अपने सैनिकों को एशिया में तैनात करने जा रहा है।

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