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विस्तारवाद ने ही मानव जाति का विनाश किया, इतिहास गवाह है कि ऐसी ताकतें मिट गईं,, पीएम ने लेह से चीन सहित दुनिया को दिया संदेश

ये युग विकासवाद का है

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भारत चीन विवाद के बीच प्रधानमंत्री आज सुबह अचानक लेह के दौरे पर गए, बॉर्डर के हालातों का जायजा लेते हुए उन्होंने जवानों के हौसला अफजाई किया । लेह में पीएम ने जवानों को संबोधन भी किया । पीएम ने शब्दों के अंलकार से जवानों को खूब उत्साहित किया।अपने संबोधन में जवानों को कहा कि आपका साहस ,शौर्य और मां भारती के लिए आपका समर्पन अतुल्यनीय है । जिन कठिन परिस्थितियों में जिन उंचाइयों पर आप मां भारती की ढाल बनकर के उसकी रक्षा करते है,उनकी सेवा करते है उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नही कर सकता है ।

आपका साहस उन उंचाइ से भी उँचा है जहां आप तैनात है । आपका निश्चय उस घाटी से भी सख्त है जिसको रोज आप अपने कदमों से नापते है। आपकी भूजाएँ उन चट्टानों जैसी मजबूत है जो आपके इर्द गिर्द खड़ी है । आपकी इच्छाशक्ती आप-पास के पर्वतों जैसी अटल है। आज आपके बीच आकर मैं इन सबको महसूस कर रहा हुं, साक्षात अपनी आँखों से इसे देख रहा हुँ। साथियों जब देश की रक्षा आपकी हाथों में है आपकी मजबूत इरादों में है । वो एक अटूट विश्वास है । सिर्फ मुझे नही पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है।

‘राष्ट्र कवि रंग जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल, कलम आज उनकी जय हो। मैं आज अपनी वाणी से आपकी जय बोलता हूं। आपका अभिनंदन करता हूं। मैं गलवान में शहीद हुए जवानों को भी फिर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इनमें पूर्व-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण से देश के हर कोने से देश के वीरों ने अपना शौर्य दिखाया। उनके सिंहनाद से धरती अब भी उनका जयकारा कर रही है। आज हर देशवासी का शीश आपके सामने आदरपूर्वक नतमस्तक होकर नमन करता है। आज हर भारतीय की छाती आपकी वीरता और पराक्रम से खुली हुई है।’’

उन्होंने कहा- हर आक्रमण के बाद भारत और मजबूत होकर उभरा है। राष्ट्र की, दुनिया की, मानवता की प्रगति के लिए शांति और मित्रता हर कोई मानता है। हम ये भी जानते हैं कि कमजोर शांति की पहल नहीं कर सकता। वीरता ही शांति की शर्त होगी। भारत आज जल-थल-नभ तक अपनी ताकत बढ़ा रहा है तो उसके पीछे का लक्ष्य मानव कल्याण ही है। विश्व युद्ध हो या विश्व शांति की बात, जब भी जरूरत पड़ी है विश्व ने हमारे वीरों का पराक्रम देखा भी है और महसूस भी किया है। हमने हमेशा मानवता और इंसानियत की रक्षा के लिए काम किया है।

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पीएम ने कहा- आज विश्व विकासवाद को समर्पित है और विकास की खुली स्पर्धा का स्वागत कर रहा है। राष्ट्र रक्षा से जुड़े किसी लीडर के बारे में सोचता हूं तो मैं सबसे पहले दो माताओं का स्मरण करता हूं। पहली- हम सभी की भारत माता, दूसरी- वे वीर माताएं जिन्होंने आप जैसे योद्धाओं को जन्म दिया है। इसी कटौती से चलते हुए आपके सम्मान, आपके परिवार के सम्मान और भारत माता की सुरक्षा को देश सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

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उन्होंने कहा- सेना के लिए आधुनिक हथियार हो या आपने लिए साजो सामान, हम इस पर बहुत ध्यान देते रहे हैं। बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करीब 3 गुना कर दिया गया है। इससे बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट और सीमा पर सड़कें-पुल बनाने का काम भी बहुत तेजी से हुआ है। अब आप तक सामान भी कम समय में पहुंचता है। सेनाओं में समन्वय के लिए चीफ ऑफ डिफेंस के गठन की बात हो या वॉर मेमोरियल का या फिर वन-पेंशन वन रैंक की बात हो। हम सेनाओं और सैनिकों को मजबूत कर रहे हैं।

मोदी ने कहा- गलवान में जो अदम्य साहस दिखाया वो पराक्रम की पराकाष्ठा है। आपके साथ ही हमारे आईटीबीपी के जवान हों, बीएसएफ के साथी हों, बीआरओ, दूसरे संगठनों के जवान हों, आप सभी अद्भुत काम कर रहे हैं। कंधे से कंधा मिलाकर मां भारती की रक्षा के लिए समर्पित हैं। आप सभी की मेहनत से देश अनेक आपदाओं से एक साथ और पूरी जड़ता से लड़ रहा है। आप सभी से प्रेरणा लेते हुए हम मिलकर हर चुनौती पर विजय प्राप्त करते रहे हैं और करते रहेंगे।

उन्होंने कहा- जिस भारत के सपने को लेकर आप सरहद पर देश की रक्षा कर रहे हैं, हम आपके सपनों का भारत बनाएंगे। इसमें 130 करोड़ देशवासी पीछे नहीं रहेंगे। मैं आपको यह विश्वास दिलाने आया हूं। हम आत्मनिर्भर भारत बनाकर ही रहेंगे।

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