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तीन दिन बाद भी नही मिले मंत्रियों के विभाग,, बड़े विभागों को लेकर शिवराज सिंधिया में चल रही तनातनी

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भोपाल – मध्यप्रदेश में 2 जूलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। लेकिन अब तक विभागों को लेकर कोई भी जानकारी निकल कर नही आई है, बताया जा रहा है सिंधिया और शिवराज के बीच अहम विभागों को लेकर मामला फंस सा गया और यही वजह है मंत्रिमंडल विस्तार के तीन दिन बाद भी अब तक विभागों का बटवारा सुनिश्चित नही हो पाया है ।

आपको बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 28 मंत्रियों ने 2 जूलाई को शपथ ली थी। सिंधिया अपने लोगों के लिए कुछ बड़े विभाग चाहते हैं, जिस पर केंद्रीय आला कमान से चर्चा के बाद ही शिवराज सिंह चौहान अंतिम फैसला लेंगे। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री को शनिवार को दिल्ली जाना था। वहां उनकी सिंधिया समेत केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात होनी है। लेकिन ऐन वक्त पर कार्यक्रम टल गया।

आपको बता दें कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में सिंधिया समर्थकों के पास स्वास्थ्य, राजस्व, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, श्रम विभाग थे। इनमें से काफी विभाग सिंधिया अपने पास ही रखना चाहते हैं।

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मुख्यमंत्री चौहान की कल केंद्रीय नेतृत्व के साथ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से चर्चा होगी। इसी दौरान सिंधिया से भी बात होगी। इसके बाद विभागों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

शनिवार को मुख्यमंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ विभागों को लेकर मुख्यमंत्री की चर्चा हो गई है। दिल्ली में अब सभी स्थितियों पर बात होगी। भाजपा में बड़ी दिक्कत वित्त विभाग को लेकर भी है, क्योंकि दस साल तक वित्तमंत्री रहे जयंत मलैया 2018 में चुनाव हार गए।

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किसके जिम्मे क्या दें, इस बात पर भाजपा में उलझन

जानकारी मिल रही कि भाजपा के भीतर भी विभागों को लेकर उलझनें बढ़ गई है। नरोत्तम के पास अभी गृह और स्वास्थ्य विभाग है। एक विभाग कम होता है तो क्या होगा? चर्चा है कि मुख्यमंत्री अपने पास जनसंपर्क विभाग रखना चाहते हैं, ऐसा हुआ तो नरोत्तम को कौन सा विभाग मिलेगा। गोपाल भार्गव और विश्वास सारंग को क्या मिलेगा। भूपेंद्र सिंह पिछली सरकार में गृहमंत्री थे। उन्हें क्या दिया जाएगा। इन सवालों के जवाब के लिए अभी भाजपा को काफी मसक्कत करनी पड़ेगी ।

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