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अपने ख़्वाबों को सच करने के लिए छोड़ा आईपीएस और जज का पद ,, जानिए सिद्धार्थ सिहाग की कहानी

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नई दिल्ली – सिद्धार्थ सिहाग यह एक साधारण नाम नही बल्कि लाखों करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस मंजिल की आशा उम्मीद लिए युवाओं ने रातों की नींद त्याग दी है, उसी मंजिल क पाकर सिद्धार्थ चैन की नींद ले रहे है सिद्धार्थ ने अपने कदमों तले एक नही बल्कि दो-दो नौकरियों को ठुकरा दिया। वर्तमान में सिद्धार्थ राजस्थान के झालावाड़ जिले के कलैक्टर पद पर आसीन है। आईएएस बनने से पहले सिद्धार्थ जज व आईपीएस भी रह चुके है ।

इस कहानी की शुरुआत हरियाणा के छोटे से गांव से होती है। सिद्धार्थ बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल, तेज तर्रार बालकों में एक था। परिवार के समृद्ध होने से उन्हें भविष्य को लेकर माथे पर कोई शिकन नहीं थी और यही उनकी सफलता का रहस्य भी है। सिद्धार्थ अपनी स्कूलिंग के बाद पंचकूला से सीधे हैदराबाद गए। सामाजिक उथल-पुथल से परे ,अपने सीमित दोस्तों के बीच उनकी एक अलग दुनिया थी।
सिहाग की मंजिल थी कलक्टर बनकर समाज की सेवा करें , उसी सफर से पहले न्यायिक सेवा का मार्ग अपनाया और फिर पुलिस सेवा में गए ,लेकिन मन की गहराईयों में अब भी खालीपन था, प्रशासनिक सेवा को लेकर। और आखिर में यह मुकाम भी उन्हें मिला ।

सिद्धार्थ दिल्ली में मेट्रो पोलियन मजिस्ट्रेट बनें

दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस परिक्षा पास करने के बाद सिद्धार्थ दिल्ली के सिविल जज मेट्रोपोलियन मजिस्ट्रेट पर चयन हो गया। मजिस्ट्रेट पद की ट्रेनिंग अभी चल ही रही थी कि आईएएस का परिणाम आ गया और 148वीं रैंक के साथ आईपीएस कैडर मिला और वहां से वह हैदराबाद गए।

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आईएएस में 42वीं रैंक के साथ उतीर्ण हुए।

सिद्धार्थ अपने सपनों को अभी भूला नही था, वह अपने पढ़ाई को निरंतर जारी रखा , और अगली बार पहले से ज्यादा तैयारी के साथ आईएएस के परिक्षा में शामिल हुए , और इस बार उन्हे 42वीं रैंक प्राप्त हुई । इस पुरी पढ़ाई की अवधी में उन्होंने कोई कोचिंग संस्था की मदद भी नही ली। सिद्धार्थ अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा कि उस वक्त के वर्धा के कलक्टर के ब्लॉग नोट भी काफी मददगार रहें ।
कलक्टर सिद्धार्थ के पत्नी भी कलक्टर , भाई जज ,पिता सीटीपी रहें ।

सिहाग की पत्नी रुकमणी सिहाग भी आईएएस है । वे उदयपुर भी रही , बाद में डुंगरपुर के जिला परिषद सीईओ बनी, अभी उनका तबादला राजस्थान के बूंदी जिला के कलक्टर पद पर हुआ । सिद्धार्थ के पिता दिलबाग सिंह हरियाणा में चीफ टाउन प्लानर के पद से रिटायर्ड हुए वहीं उनका भाई दिल्ली में जज है ।

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