Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

आम्रपाली के ग्राहकों के लिए आयी ख़ुशी वाली ख़बर

135

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली –  सुप्रीम कोर्ट में आम्रपाली मामले की सुनवाई के दौरान एसबीआई कैप ने कहा कि वह आम्रपाली के 7 प्रोजेक्ट में फंडिंग करने को तैयार है इसके लिए उन्हे तीन हफ्ते का समय चाहिए ताकि इसकी पूरी रूप रेखा तैयार की जा सके। मामले की सुनवाई के दौरान एसबीआई से जब आठवें प्रोजेक्ट को भी फंडिंग करने को कहा गया तो जवाब में एसबीआई ने कहा वह इस पर विचार करेगा ।

बॉयर्स के वकील एम एल लाहौटी के मुताबिक आम्रपाली के सात प्रोजेक्ट में एसबीआई कैप के द्वारा 1000 करोड़ की फंडिंग की जाएगी
इस के दौरान हरीश साल्वे ने कहा कि सिलिकन सिटी वन और टू, सेंचूरियन पार्क वन, टू और थ्री, हार्ट बीट सिटी वन और टू और क्रिस्टल होम के प्रोजेक्ट के लिए एसबीआई कैप फंडिंग करेगा। लेकिन इस दौरान ये भी दलील दी गई कि 12 फीसदी ब्याज लेगा। इस दौरान लाहौटी की ओर से दलील दी गई कि सेंचूरियन पार्क का प्रोजेक्ट टेरेस होम भी है उसे भी एसबीआई को अपने हाथ में लेना चाहिए। क्योंकि सेंचूरियन पार्क के तीन प्रोजेक्ट अगर एसबीआई कैप फंड करेगा तो चौथा प्रोजेक्ट अधूरा रह जाएगा और कॉमन एरिया का विकास कैसे होगा।

- Advertisement -

12 फिसदी ब्याज पर एतराज

तब एसबीआई के वकील ने कहा कि वह उस प्रस्ताव पर विचार करेंगे। नव-भारत टाइम्स के मुताबिक लाहौटी ने एसबीआई कैप द्वारा किए जाने वाले फंडिंग के एवज में 12 फीसदी ब्याज पर ऐतराज जताया और कहा कि ब्याज का रेट काफी ज्यादा है और एसबीआई जो बाकी लोन के लिए रेट तय करता है वही रेट इस प्रोजेक्ट में फंडिंग के लिए भी लेना चाहिए। तब एसबीआई के वकील ने कहा कि वह इस प्रस्ताव पर विचार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट को एसबीआई कैप की ओर से बताया गया कि प्रोजेक्ट फंडिंग के बारे में रूपरेखा क्या होगा और कैसे पैसे लगाए जाएंगे इस पर पूरा ब्यौरा पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय कर दी।

गौरतलब है कि दो दिसंबर 2019 को दिए अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने फ्लैट बॉयर्स को कहा था कि वह अपनी बकाया राशि 31 जनवरी तक जमा कराए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बकाया राशि फ्लैट बायर्स एक बार में जमा करे या किश्तों में भुगतान करे ताकि रुके हुए प्रोजेक्ट का काम तेजी से पूरा हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि फंड को चैनेलाइज्ड करने की जरूरत है ताकि पेंडिंग प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 3 हजार करोड़ बकाये में से 105 करोड़ रुपये बॉयर्स के आए हैं। पिछले साल 23 जुलाई को दिए आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप का रजिस्ट्रेशन कैंसल कर दिया था और कहा था कि आम्रपाली के पेंडिंग प्रोजेक्ट सरकारी कंपनी एनबीसीसी पूरा करेगा।

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More