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Rajasthan Political News: पायलट पर बड़ी कार्रवाई, उप-मुख्यमंत्री व PCC अध्यक्ष पद से हटाया गया

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जयपुर- राजस्थान में सियासी संकट के बीच जयपुर के फेयरमोंट होटल में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में शामिल नहीं हुए सचिन पायलट को उप-मुख्यमंत्री पद से और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह गोविंद सिंह डोटासरा को अध्यक्ष नियुक्त किया गया।  कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इसकी जानकारी दी है। इससे पहले बैठक में मौजूद 102 विधायकों ने सर्वसम्मति से सचिन पायलट को पार्टी से बाहर कर देने की मांग की थी। गौरतलब है कि सचिन पायलट समेत उनके समर्थक विधायकों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया थे, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए। पायलट खेमे ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री हटने तक कोई समझौता नहीं होगा। पायलट समर्थक विधायकों ने फ्लोर टेस्ट की मांग की है।

हम मनाते रहे वो माने नहीं

मीडिया के सामने सुरजेवाला ने कहा, ‘सचिन पायलट और कांग्रेस के कुछ मंत्री और विधायक साथी भाजपा के षडयंत्र में उलझकर कांग्रेस की सरकार को गिराने की साजिश में शामिल हो गए।’ उन्‍होंने कहा, “पिछले 72 घंटे से सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के आला नेतृत्व ने सचिन पायलट से, साथी मंत्रियों से, विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की। कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट से खुद आधा दर्जन बार बात की। कांग्रेस कार्यसमिति के वरिष्‍ठ सदस्‍यों ने दर्जनों बार बात की। हमने अपील की कि पायलट और बाकी विधायकों के लिए दरवाजे खुले हैं, वापस आइए। मतभेद दूर करेंगे।”

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सचिन पायलेट के साथ विश्वेन्द्र सिंह भी कांग्रेस से बर्खास्त

उप मुख्यमंत्री पद से सचिन पायलट और पर्यटन और खाद्य मंत्री पद से विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को बर्खास्त कर दिया गया है। सुरजेवाला ने बताया कि पिछले 72 घंटे में सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के माध्यम से सचिन पायलट से और अन्य मंत्रियों से विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की। केसी वेणुगोपाल ने कई बार बात की। प्रयास किए गए कि वो वापस आए, उनके लिए दरवाजो खुले हैं। कोई मतभेद है तो बैठक सुलझाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट और उनके साथी मंत्री सरकार गिराने की साजिश कर रहे हैं। यह अस्वीकार्य है। इसलिए बड़े दुखी मन से कुछ निर्णय लिए हैं।

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“कांग्रेस ने जो राजनीतिक ताकत छोटी उम्र में सचिन पायलट को दी, वह शायद हिंदुस्तान में किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं मिली। 2003 में पायलट राजनीति में आए। 2004 में कांग्रेस पार्टी उन्हें 26 साल की उम्र में सांसद बना देती है। 30 और 32 साल की उम्र में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें भारत सरकार का केंद्रीय मंत्री बनाया। 36 साल की उम्र में राजस्थान जैसे हिंदुस्तान के बड़े प्रांत के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी। 40 साल की उम्र में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी। इतने थोड़े अंतराल में 16-17 साल में किसी व्यक्ति को प्रोत्साहित करने का एक ही मतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का स्नेह उन्हें हासिल था।”                                                                                               —–रणदीप सुरजेवाला——

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