Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल आज से शुरु ,,एम्स दिल्ली में 10 घंटे में 10 हजार रजिस्ट्रेशन हुए

184

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली – एम्स दिल्ली में सोमवार को देश निर्मित पहली कोरोना वैक्सीन का मानव परिक्षण शुरू हो रहा है। एम्स दिल्ली देश के उन 14 इंस्टीट्यूट में से एक है जिसे आईसीएमआर ने पहले और दूसरे चरण के ट्रायल की अनुमति दी है। पहले चरण में वैक्सीन का ट्रायल 375 वॉलंटियर्स पर होगा। इनमें से 100 वॉलंटियर्स एम्स से शामिल होंगे। ट्रायल में स्वस्थ लोगों को ही शामिल किया जाएगा। इनकी उम्र 18 से 55 साल के बीच होगी। ये ऐसे वॉलंटियर्स होंगे जिन्हें अब तक कोविड-19 का संक्रमण नहीं हुआ।

एम्स की एथिक्स कमेटी ने COVAXIN के पहले ह्यूमन ट्रायल को मंजूरी दे दी है। ट्रायल में शामिल होने के लिए 10 घंटे में 10 हजार से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अभी केवल दिल्ली-एनसीआर के लोगों के रजिस्ट्रेशन को मंजूरी दी जाएगी।

वैक्सीन को बाजार तक पहुंचने में कितना वक्त लग सकता है।

- Advertisement -

इस सवाल पर डॉ. गंगाखेडकर का मानना है कि कोविड के पहले तक वैक्सीन के ट्रायल में 7-10 साल तक लगते थे। चूंकि कोरोना महामारी बहुत तेजी से फैल रही है इसलिए इस संक्रमण को कम करने के लिए अलग-अलग तरह से वैक्सीन के ट्रायल हो रहे हैं। भारत में भी बनने में करीब डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। अभी जो भारत की वैक्सीन है, उसका फेज वन (phase) का ट्रायल 15 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। उसमें पता चल जाएगा कि इस वैक्सीन से एंटीबॉडी बन रहे हैं या नहीं और यह सेफ है या नहीं। उसके बाद दूसरे स्टेज का ट्रायल होगा। शायद कंपनी ने सोचा है कि अगर ये वैक्सीन काम करेगी तो इसका प्रोडक्शन शुरू कर देंगे, ताकि पूरे ट्रायल के बाद अगर सफल हुई, तो भारत में इतनी बड़ी आबादी तक जल्द से जल्द पहुंच जाये। अगर यह करागर नहीं हुई तो पैसे का नुकसान भी हो सकता है।

12 हॉस्पिटल्स में शुरू हुआ पहले चरण का ट्रायल

- Advertisement -

वैक्सीन की परिक्षण को लेकर आईसीएमआर ने देश में 12 हॉस्पिटल्स का चयन किया है। इनमें एम्स-दिल्ली, एम्स पटना, किंग जॉर्ज हॉस्पिटल-विशाखापटनम, पीजीआई-रोहतक, जीवन रेखा हॉस्पिटल-बेलगम, गिलुरकर मल्टीस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल-नागपुर, राना हॉस्पिटल-गोरखपुर, एसआरएम हॉस्पिटल-चेन्नई, निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-हैदराबाद, कलिंगा हॉस्पिटल-भुवनेश्वर, प्रखर हॉस्पिटल-कानपुर और गोवा का एक हॉस्पिटल भी शामिल है।

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More