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कारगिल विजय दिवस विशेष- भारतीय सेना के अदम्य साहस की दास्तान

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नई दिल्ली- आज कारगिल की विजय गाथा को याद कर देश गौरवान्वित हो रहा है। भारतीय सेना के अदम्य साहस को कोई नहीं भूल सकता है जब सेना ने दुर्गम परिस्थितियों में युद्ध लड़ते हुए पाकिस्तानी सेना को धूल चटाई थी और पाकिस्तान की चाल को फेल कर दिया था । आज पूरा देश उन वीरों को सलाम कर रहा है जिन्होंने देश की जमीन की रक्षा के लिए अपने प्राणों को बलिदान कर दिया था।आज से 21 साल पहले दुश्मन ने जम्मू-कश्मीर में करगिल, द्रास, बटालिक की चोटियों पर बुरी निगाह डाली थी। भारत के वीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर इन चोटियों की रक्षा की और इसे पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराया। भारतीय सेना के इन सैनिकों के अदम्य साहस और कुर्बानी को याद और नमन करने के लिए देश हर साल 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाता है।

कारगिल विजय दिवस के मौके पर पूरा देश कारगिल शहीदों की वीरता को नमन कर रहा है।इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और इंडियन आर्मी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है और कहा है कि देश इन रणबांकुरों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है-अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि करगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। मैं उन शूरवीरों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से करगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर वहां पुनः तिरंगा लहराया। मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है।

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साल 1999 की सर्दियों में पाकिस्तान की सेना ने मौका देखकर जम्मू-कश्मीर की कुछ चोटियों पर कब्जा कर लिया था। अप्रैल के आखिर और मई के शुरुआत में जब इन चोटियों की बर्फ पिघली तो भारत सरकार को पाकिस्तान की घुसपैठ की जानकारी हुई। पाकिस्तान को यहां से खदेड़ने के लिए 5 मई से 26 जुलाई तक कश्मीर की चोटियों पर दुश्मन के साथ हमारी सेनाओं का युद्ध हुआ। भारतीय सेना के कई जवान इस युद्ध में शहीद हुए। इन जवानों के बलिदान को आज देश नम आंखों से याद कर रहा है।

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कारगिल विजय दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में हम जो कुछ भी करते हैं, वह हमेशा आत्मरक्षा के लिए करते हैं, आक्रमण के लिए नहीं। अगर दुश्मन देश ने कभी हमारे ऊपर आक्रमण किया, तो हमने यह भी साबित कर दिया कि कारगिल की तरह हम उसे मुंहतोड़ जवाब देंगे।

 

करगिल विजय दिवस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कारगिल विजय दिवस पर मैं उन वीरों को नमन करता हूं जो सब कुछ समर्पित करके भी भारत की रक्षा करते हैं. जय हिंद।

भारतीय सेना ने अपने जवानों को याद करते हुए कहा है कि करगिल विजय दिवस के रूप में अंकित हुआ 26 जुलाई मई-जुलाई 1999 में देश की गौरवपूर्ण विजय की रोमांचक कहानी है।

 

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