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बिक रहा है टिकटॉक, जानिए ख़रीदार के बारे में

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नई दिल्ली – शॉर्ट विडियों को लेकर प्रसिद्ध ऐप टिक टॉक की चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। खबर है कि दूनिया की अमीर कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट अब टिक टॉक ऐप को खरीदने की योजना बना रही है। यह डील करीब 50 अरब डॉलर का माना जा रहा है,जिसकी अगुवाई कंपनी के सीईओ सत्या नडेला कर सकते है।

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दरअसल टिक टॉक मौजूदा हालात में भीषण संकट से गुजर रही है। पिछले ही महिने टिक टॉक की सबसे ज्यादा यूजर्स एक झटके समाप्त हो गई क्योंकी भारत ने टिक टॉक समेत 59 चाईनीज ऐप को को बैन कर दिया । इन ऐप्स पर आरोप थे कि ये डेटा को हेराफेरी कर सकता है। दूसरी तरफ ये माना जा रहा है कि टिक टॉक को चाईनीज होने का नुकसान झेलना पड़ा। जिसके चलते उन्हे कारोबार में काफी नुकसान हुआ ।

ट्रम्प प्रशासन ने बढ़ाई टिक टॉक की दिक्कतें

इधर अमेरिका में भी टिक टॉक को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सख्त रवैया अपना रहे हैं। दरअसल जब से ट्रम्प ने संकेत दिया कि वह टिक टॉक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा सकते हैं, इसके बाद से ही माइक्रोसॉफ्ट ने इस मामले में दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। हालांकि टिक टॉक को बाइटडांस से खरीद लेने या इसके अमेरिकी ऑपरेशन को कंट्रोल में लेने का विचार पेपर पर शुरुआत में काफी अच्छा दिख रहा था। लेकिन डेटा गोपनीयता और चीन के ओनरशिप स्ट्रक्चर ने अमेरिका की चिंताओं को दूर नहीं किया।

माइक्रोसॉफ्ट
यदि टिक टॉक का ऑपरेशन एक विश्वसनीय, सार्वजनिक रूप से लिस्टेड अमेरिकी कंपनी के हाथों में आ जाता है तो यह डेटा पारदर्शिता की समस्या को हल कर सकता है।

चीनी कंपनियों को लेकर नाकारात्मक माहौल है भारत और अमेरिका में

चीनी कंपनियों को लेकर भारत पहले से ही बहिष्कार की सोच पाल रखा था लेकिन जब मामला ग्लवान घाटी के हिंसक झड़प को देश ने देखा तो चीन के खिलाफ आम लोगों में क्रोध भड़कने लगा। लोग सड़क पर आकर चीनियों के खिलाफ नारेबाजी और चीनी समानों की होली जलाने लगे। मामला बढ़ते देख सरकार ने इस पर सख्त फैसला लेते हुए 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया जिसमें टिक टॉक भी शामिल था ।

वहीं अमेरिका में चीन को लेकर महौल बेहद खराब है। कोरोना वायरस की फैलाव को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे सीधे चीन को कोसा है। उनका मानना है कि चीन अपने फायदे को लेकर दुनिया के लोगों को कैसी भी संकट में डाल सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप के लागातार आ रहे इस तरह के बयान से अमेरिकी लोगों में चीन को लेकर खासा गुस्सा नजर आ रहा है। और इन सब का खामियाजा चीनी कंपनियों को झेलना पड़ रहा है।

आइए देखते है कि बिक्री के लिए क्या क्या है

बाइटडांस का पिछले साल लाभ 3 अरब डॉलर था। रेवेन्यू 17 अरब डॉलर था। इस पूरी कंपनी में कम से 20 ऐप्स है- जिसमें दोईन (टिक टॉक का स्थानीय वर्जन) और समाचार फीड तूशियो शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले साल टिक टॉक का रेवेन्यू विश्व स्तर पर लगभग 300 मिलियन डॉलर था। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल टिक टॉक ने अमेरिका में बिक्री के जरिये 50 करोड़ डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा है। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, यह अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ऑपरेशंस खरीदने की तलाश में है।

टिक टॉक
ByteDance Head Quarters In Beijing

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