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ब्लूम्सबरी इंडिया नहीं छापेगा दिल्ली दंगों से जुड़ी किताब, वामपंथियों के दवाब में लिया फैसला , शाहीन बाग पर छाप चुका है किताब, आज किया है प्रमोट

ज़िया उस सलाम और उज़मा औसफ़ द्वारा कथित किताब जुलाई में प्रकाशित की गई थी, लेकिन उन्होंने उस किताब को आज (22 अगस्त, 2020) प्रोमोट किया है। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट पोस्ट किया, जिसमें शाहीन बाग के विरोध को दर्शाते हुए किताब का प्रचार किया गया।

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नई दिल्ली- अभिव्यक्ति की आजादी की दुकान चला रहे वामपंथी एक किताब के प्रकाशन से डर गए और पूरे देश के वामपंथियों और कथित सेकुलरों ने एक मुहिम चला कर ब्लूम्सबरी को मजबूर कर दिया और  अब ब्लूम्सबरी ने ‘Delhi Riots 2020: The Untold Story’ को प्रकाशित नहीं करने का फैसला लिया है । उन्होंने इसके पीछे का एक कारण उनकी जानकारी के बिना लेखकों द्वारा आयोजित किए गए वर्चुअल प्री-पब्लिकेन इवेंट लॉन्च करने को बताया। प्रकाशक ब्लूम्सबरी इंडिया ने यह बातें एक प्रेस रिलीज जारी करके कही हैं। इस पुस्तक की लेखिका मोनिका अरोरा, सोनाली चितलकर और प्रेरणा मल्होत्रा  हैं।

ब्लूम्सबरी इंडिया ने कहा  है कि उन्होंने लेखकों द्वारा की गई जाँच और इंटरव्यू के आधार पर सितंबर 2020 में पुस्तक को जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब उन्होंने अपने फैसले को रद्द कर दिया गया है।

ब्लूम्सबेरी इंडिया ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि लेखकों द्वारा हमारी जानकारी के बिना आयोजित एक वर्चुअल प्री-पब्लिकेन इवेंट लॉन्च सहित हाल ही की घटनाओं को देखते हुए, हमने पुस्तक के प्रकाशन को वापस लेने का फैसला किया है।”

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दरअसल इस पुस्तक के प्रकाशन से ही वामपंथी और लिबरल असहज हो रहे थे। लेकिन जैसे ही कपिल मिश्रा के लॉन्चिंग ईवेंट में में शामिल होने की खबर फैली वैसे ही वामपंथी लिबरल और रेडीकल इस्लाम समर्थकों ने ब्लूम्सबेरी पर दवाब बनाना शुरू कर दिया । सभी लोगों ने इस बुक के खिलाफ मुहिम चलाई। ब्लूम्सबेरी इंडिया पर दवाब डालने वाली भीड़ में विवादास्पद अभिनेत्री स्वरा भास्कर और अन्य प्रख्यात ‘पत्रकारों’ और ‘बुद्धिजीवियों’ जैसे कई व्यक्तित्व शामिल रहे।

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दक्षिण एशिया सॉलिडैरिटी इनिशिएटिव ने भी ब्लूम्सबरी इंडिया को पुस्तक का प्रकाशन वापस लेने के लिए धमकी दी। बता दें कि दक्षिण एशिया सॉलिडैरिटी इनिशिएटिव के इस्लामवादियों से संबंध हैं। इसने हाल ही में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में राम मंदिर भूमि पूजन के अवसर पर ‘हिंदू फासीवादियों’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया आयोजित किया था।

किताब प्रकाशित नहीं होने पर भड़के कपिल मिश्रा

बीजेपी नेता ने दिल्ली दंगों की किताब प्रकाशित न हो पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा एक वीडियो ट्वीट कर कहा है कि, एक किताब से डर गए अभिव्यक्ति की आज़ादी के फर्जी ठेकेदार , ये किताब छ्प ना जाएं, ये किताब कोई पढ़ ना लें, तुम्हारा ये डर इस किताब की जीत हैं, तुम्हारा ये डर हमारी सच्चाई की जीत हैं। उन्होंने कहा कि किताब न छप जाए, इसलिए प्रकाशकों के खिलाफ अभियान चलाया गया।

इस साल 23 से 27 तारीख के बीच दिल्ली में हुए हिंसा का मास्टरमाइंड आम आदमी पार्टी का नेता ताहिर हुसैन था। दंगों के ठीक बाद, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें हिंदुओं पर हमला करने के लिए ताहिर की इमारत के छत पर मुस्लिम भीड़ को देखा गया था। इसके साथ ही उन्हें दंगाइयों को निर्देश देते हुए भी देखा गया था। वहीं दंगों में इस्तेमाल किए गए एसिड, ईंधन, पत्थर, पेट्रोल बम आदि को दंगे के बाद उनके घर से बरामद किया गया था। ज़िया उस सलाम (Ziya Us Salam) दिल्ली दंगों के लिए ताहिर हुसैन को निर्दोष बता चुका है।

 

कमाल की बात यह है कि जब ब्लूम्सबरी द्वारा ‘Delhi Riots 2020: The Untold Story’  प्रकाशित नहीं करने का फैसला लिया गया है। तब ही शाहीन बाग का महिमा मंडन करने वाली बुक को प्रमोट किया है। इससे ब्लूम्सबरी की असलियत भी पता लगती है कि वो विवाद खड़ा करके जो बुक बिकी ही नहीं उसको प्रमोच करके बेचना चाहते हैं। ज़िया उस सलाम और उज़मा औसफ़ द्वारा कथित किताब जुलाई में प्रकाशित की गई थी, लेकिन उन्होंने उस किताब को आज (22 अगस्त, 2020) प्रोमोट किया है

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