Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

चीन-अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव -चीन का दावा, अमेरिका के दो जासूसी विमान चीन में घुसे, कुछ भी हो सकता था

419

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली – अमेरिका और चीन के बीच विवादों का सिलसिला एक कदम औऱ आगे बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच तेजी से तनाव बढ़ रहे है, चीन का आरोप है कि वह अमेरिका के दो एडवांसड यू -2 जासूसी विमान चीन की सीमा में दाखिल हो कर मिलिट्री ड्रील को रिकोर्ड किया। इस घटना की वास्तविक लोकेशन की जानकारी नही दी गई लेकिन यह माना जा रहा है कि घटना उत्तरी चीन में हुई। वहीं अमेरिका का कहना है कि हमने कोई नियम नही तोड़े।

दोनों देशों का यह तनाव इसलिए काफी गंभीर है क्योंकि पिछले ही महीने अमेरिका के दो फाइटर जेट्स शंघाई से महज 75 किलोमीटर की दूरी पर काफी देर तक उड़ान भरते नजर आए थे।

दैनिक भाष्कर की खबर के मुताबिक चीन की डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता वु क्विन ने कहा- अमेरिकी नेवी के दो यू-2 एयरक्राफ्ट्स ने उत्तरी इलाके में हमारी सेना के अभ्यास की कई घंटे तक जासूसी की। इससे हमारी ट्रेनिंग पर असर हुआ। अमेरिका ने दोनों देशों के बीच समझौते का उल्लंघन है।

इससे सैन्य झड़प का खतरा हो सकता है

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा- अमेरिका की यह हरकत बेहद खतरनाक है। अगर वो चीन के इलाके में घुसेगा तो इससे सैन्य झड़प हो सकती थी। बाद में यह बढ़ भी सकती थी। चीनी सेना वहां एक नहीं बल्कि दो जगह एक्सरसाइज कर रही थी।

- Advertisement -

- Advertisement -

अमेरिका ने क्या कहा

वहीं अमेरिका ने चीन के आरोपों का खंडन नहीं किया। सीएनएन से बातचीत में यूएस एयरफोर्स ने कहा- हमने अपनी हद में रहकर ही काम किया है। किसी भी नियम को नहीं तोड़ा। हम पहले भी हिंद महासागर में ऑपरेशन्स करते आए हैं। आगे भी करते रहेंगे। मिलिट्री एक्सपर्ट कार्ल चेस्टर ने कहा- मुझे चीन के दावे पर शक है। अमेरिका एयरक्राफ्ट को चीन में घुसने की जरूरत ही नहीं है। वो इतने हाईटेक हैं कि मीलों दूर से ही हर चीज की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यू-2 एयरक्राफ्ट कई घंटे तक चीन के आसमान में 70 हजार फीट की ऊंचाई पर मंडराते रहे। उन्होंने पूरी मिलिट्री एक्सरसाइट कैप्चर की। इसके बाद आराम से हिंद महासागर में अपने बेस पर वापस आ गए। चीन की सेना इस पूरी घटना क्रम से बे-खबर रहे। बाद में इमेजरी के जरिए इसका पता चला क्योंकि तब इनकी ऊंचाई काफी कम हो गई थी।

इसे भी पढ़े –

कोरोना वैक्सीन की कोविशिल्ड की पहली खुराक 5 लोगों को दी गई, दो महीने की निगरानी में रहेंगे, दिसम्बर तक वैक्सीन आने की उम्मीद

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More