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चीन के प्रोपेगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स के सम्पादक ने दी भारत को धमकी

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नई दिल्ली- गलवान के बाद 29-30 अगस्‍त की रात एक बार फिर चीन के सैनिकों ने भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश की। इस बार पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी किनारे पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों को भारतीय सेना ने मार भगाया। इस बात से तिलमिलाए चीन ने भारत से ही मांग कर डाली कि वह सीमा पर से अपनी सेना कम करे। उधर, चीन के प्रॉपगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा है कि भारत चीन की टक्कर में नहीं है और अखबार के संपादक हू शिजिन ने ट्वीट कर सीधे दावा किया है कि पैंगॉन्ग विवाद का अंत भारत की हार में होगा।

 

कहा तो होगी भारत की हार

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हू ने ट्वीट किया है- ‘भारतीय सेना ने सीमा पर फिर से स्टंट किया है। उन्हें हमेशा लगता है कि चीन पूरे हालात के बारे में सोचते हुए उकसावे पर समझौता करेगा। हालात को अब और गलत न समझा जाए। अगर पैंगॉन्ग झील में कोई विवाद है तो उसका अंत सिर्फ भारतीय सेना की नई हार में होगा।’ इसके बाद उन्होंने आगे ट्वीट किया- ‘पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी किनारे पर चीन का वास्तविक नियंत्रण है। 1962 में चीन की सेना ने भारत की सेना को यहां हराया था। इस बार भारतीय सेना यथास्थिति को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। मुझे उम्मीद है कि भारत वही गलती नहीं दोहराएगा।’

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भारत पर लगाया आक्रामकता का आरोप

अखबार के संपादकीय में भी आरोप लगाया गया है कि भारत की सेना ने पैंगॉन्ग झील और रेकिन पास पर वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार किया। इसमें यह भी कहा गया कि जून में गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद भारत ने कुछ ज्यादा ही प्रतिक्रिया करते हुए चीन पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए और अमेरिका के साथ संबंध मजबूत करने लगा। अमेरिका ने भी भारत का साथ दिया जिससे भारत को और ज्यादा बढ़ावा मिला। अखबार ने आरोप लगाया है कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता की जगह आक्रामकता को अपना रहा है।

भारत अमेरिका के बढ़ते सम्बंधों से चीन जला फुका बैठा है

चीन को भारत के पश्चिम के साथ गहराते संबंध किस कदर नागवार गुजर रहे हैं, यह भी इस संपादकीय से साफ होता है। इसमें कहा गया है कि भारत इस भ्रम में न रहे कि उसके पास वॉशिंगटन का समर्थन है या Quad -जिसमें भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं- को लेकर हिम्मत बढ़ाए। चीन और भारत का विवाद सिर्फ यही दोनों देश सुलझा सकते हैं। अखबार ने आरोप लगाया है कि अमेरिका भारत और चीन को विवाद में उलझाकर चीन के खिलाफ भारत को इस्तेमाल करना चाहता है।

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