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CM नीतीश ने खेला दलित कार्ड , SC / ST की हत्या पर परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी

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पटना – बिहार में 16 फिसदी दलित वोटरों का दावेदार अनेकों हो गए है हर कोई दलित वोट को अपने कब्जे में लेना चाहता है इसकी कोशिश NDA में बनी दोनों गुटो के द्वारा किए जा रहे है एक तरफ जहां एनडीए में शामिल लोजपा प्रमुख चिराग पासवान नीतीश से नाराज हैं तो, दूसरी तरफ हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी अब नीतीश के साथ हैं। अब नीतीश कुमार ने चुनाव के वक्त दलित कार्ड खेलकर 16 प्रतिशत मतदाता को एक झटके में अपनी तरफ करने की कोशिश की है।

दरअसल शुक्रवार को नीतीश कुमार ने अनुसूचित जाति- जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सर्तकता और मानिटरिंग समिति की बैठक की। इस बैठक के बाद सीएम ने अधिकारियों को आदेश दिया कि एससी-एसटी परिवार के किसी सदस्य की हत्या होती है, वैसी स्थिति में पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के प्रवाधान के लिए तत्काल नियम बनाएं।

अनुसूचित जाति-जनजाति परिवार को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए योजना

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मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का निष्पादन 20 सितम्बर तक करें। संबंधित विभागों के सचिवों से सम्पर्क कर मामले का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। विधि विभाग द्वारा विशेष न्यायालयों में अनन्य विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाएं। जो विशेष लोक अभियोजक अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उन्हें मुक्त करें। कहा कि आज की बैठक में सभी जन प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। राशन कार्ड वितरण, महादलित के अलावा सभी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वासरहित परिवारों को वास भूमि उपलब्ध कराना, उनके लिए आवास निर्माण आदि कार्यों में भी तेजी लाएं।

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