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मास्को से अचानक तेहरान पहुंचे राजनाथ सिंह , जानिए क्यों

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नई दिल्ली- मास्को में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भाग लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहअचानक ईरान की राजधानी तेहरान पहुंच गए हैं। अपने तेहरान दौरे की सूचना खुद राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर दी थी। चीन से हालिया तनाव के बीच ईरान दौरे पर भारत के रक्षामंत्री का पहुंचना रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। तेहरान में राजनाथ सिंह अपने समकक्ष ईरानी रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। भारतीय रक्षा मंत्री के ईरान के अचानक दौरे से कई कयासों को बल मिलने लगा है।

क्यों महत्वपूर्ण है राजनाथ सिंह का ईरान दौरा?

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भारत ईरान के चाबहार पोर्ट को विकसित कर रहा है जो पाकिस्तान के चीन द्वारा विकसित किए जा रहे ग्वादर का जवाब है। इस पोर्ट के रास्ते भारत न केवल अपनी सामरिक बल्कि आर्थिक हितों को भी साधेगा। चीन से बढ़ते तनाव और रिंग ऑफ पर्ल्स के खिलाफ इस पोर्ट की अहमियत काफी ज्यादा है। कुछ दिनों पहले ऐसी खबरें आईं थी कि चाबहार में निर्माण की धीमी गति को लेकर ईरान चिंतित है। ऐसे में भारत की बड़ी कोशिश ईरान की इन चिंताओं का समाधान करना होगा। पाकिस्तान और चीन एक साथ मिलकर ग्वादर बंदरगाह को भारत के खिलाफ आर्थिक और सामरिक रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। ऐसे में चाबहार के जरिए भारत ग्वादर के ऊपर बैठा है और वहीं से चीन-पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है। इस बंदरगाह के कारण पाकिस्तान का व्यापारिक घाटा भी बढ़ रहा है क्योंकि मध्य एशिया के अधिकतर देश अब पाकिस्तान के ग्वादर को छोड़कर ईरान के चाबहार का उपयोग करने लगे हैं।

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भारत के खिलाफ टू फ्रंट वॉर की तैयारी कर रहे हैं चीन पाकिस्तान

दो फ्रंट पर युद्ध की तैयारी कर रहे चीन और पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने भी कमर कस ली है। ईरान को साधकर भारत न केवल पाकिस्तान बल्कि चीन को भी तगड़ी चोट लगाने की तैयारी में है। चीन ने कुछ दिनों पहले ही ईरान के साथ अरबों डॉलर का सौदा किया था। इसमें न केवल रक्षा बल्कि व्यापार क्षेत्र के भी कई बड़े समझौते हुए थे। ऐसे में अगर भारत चीन के खिलाफ ईरान को मना लेता है तो यह बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी। ईरान की जो स्थिति चल रही है ऐसे में उसे भारत की बड़ी दरकार है।

ईरान को पाकिस्तान के खिलाफ साधेंगे राजनाथ

ईरान और पाकिस्तान की सीमाएं लगती हैं।  ऐसी स्थिति में भारत ईरान क अपने तरफ करके पाकिस्तान को बड़ा झटका भी देने की प्लानिंग कर रहा है। वहीं, कट्टर शिया देश होने के कारण पाकिस्तान और ईरान के बीच संबंध अच्छे भी नहीं है। ऐसे में भारत को इसका फायदा हो सकता है। ईरान के रास्ते भारत व्यापार के नए आयाम स्थापित करने की तैयारी में है। इससे भारी दबाव से गुजर रही ईरानी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। भारत और ईरान के आपस में बड़े गहरे सम्बंध रहे हैं।

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