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122 से 128 सीटों पर हो सकता है जेडीयू का कब्जा , बाकी एनडीए में किसे मिलेंगी कितनी सीटें, जानिए

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पटना – बिहार में विधानसभा चुनाव बेहद करीब आ चुका है। हर पार्टी अपने – अपने तरीके से जीत की रणनीति बनाने में जुटे है। चुनाव आयोग ने भी घोषणा कर दिया है कि इस साल के 29 नवंबर से पहले – पहले बिहार चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण करा दी जाएगी। इसी कड़ी में पार्टियों के बैठकों दौर शुरू हो चुका है। बीते दिनों भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिहार का दौरा कर सीएम नीतीश से मुलाकात की। उन्होंने जीत की ठोस रणनीति से लेकर सीट शेयरिंग के मुद्दे पर भी चर्चा किया।

आपको बता दें कि जेपी नड्डा के नेतृत्व में हुई NDA की बैठक में सीट शेयरिंग पर भी फैसला लिया गया है। खबरों के मुताबिक इसका फॉर्म्युला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के बीच निकाला गया है। खबरों की माने तो बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की नीतीश कुमार के साथ हुई बैठक भी अहम साबित हुई।

नवभारत टाइम्स के मुताबिक बिहार NDA में सीट शेयरिंग सिर्फ दो पार्टियों जेडीयू और बीजेपी के बीच होगी। आपसी सहमति से ये तय हुआ है कि जेडीयू के खाते में आधी से ज्यादा सीटें आएंगी। मतलब विधानसभा की 243 सीटों में 121 से ज्यादा सीटें नीतीश कुमार की पार्टी के खाते में जाएगी। सूत्रों ने बताया कि ये संख्या 122 से 128 के बीच हो सकती है।

जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व द्वारा यह कहा गया कि देश के आम चुनाव और विधानसभा चुनाव के हालात अलग अलग होते है, लोक सभा चुनाव में हमारी आधी की भागीदारी बनी थी लेकिन यहां नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा, ऐसे में 50-50 वाले फॉर्मूले से बात नही बनेगी।

जीतनराम मांझी की पार्टी “हम” को जदयू अपने खाते से सीटें देगी। उसी तरह रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा को सीटों का बंटवारा बीजेपी अपने खाते से करेगी। माना जा रहा है कि जीतनराम मांझी को 5 से 7 विधानसभा सीटें ऑफर की जाएगी। यहां असली सिरदर्द बीजेपी और लोजपा के बीच होने वाली है। इन्हीं सब मामलों को लेकर चिराग पासवान लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

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आपको बता दें कि NDA गठबंधन के अन्दर लोजपा की मांग 40 सीटों की है। ऐसे में देखना ये होगा कि बीजेपी अपने सहयोगी एलजेपी के लिए कितनी सीटें देती है। पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में जब नीतीश ने नरेंद्र मोदी की मुखालफत कर लालू यादव ( Lalu Prasad Yadav ) का हाथ थामा था तब बीजेपी ने लोजपा को 40 सीटें दी थी लेकिन पार्टी सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल कर सकी।

2015 से 2017 को छोड़ दें तो जेडीयू और बीजेपी का साथ 1996 से चलता आ रहा है। इस लिहाज से 2010 में हुए विधानसभा चुनाव के आधार पर ही 2020 का गणित तय होता दिखाई दे रहा है। तब बीजेपी 102 सीटों पर लड़ी और 91 पर जीत हासिल हुई. उसी तरह जेडीयू 141 सीटों पर लड़ी और 115 पर जीत हासिल हुई।

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