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तेजस्वी की रणनीति को धार देने वाला हरियाणवी छोरा, जिसकी रणनीति से घबरा गए टीम एनडीए

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पटना- लालू प्रसाद यादव के साये से बाहर निकल कर तेजस्वी यादव ने पहला चुनाव लड़ा है। बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की रणनीति का हर कोई कायल हो गया है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी ने पहला हाईटेक चुनाव लड़ा है। चुनावी रणनीति के मामले में तेजस्वी यादव जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर इक्कीस साबित हुए हैं लेकिन क्या तेजस्वी यादव अकेले इस पूरी लड़ाई को लड़ रहें थे या फिर उन्हें किसी का साथ मिल रहा था?

तो बता दें कि तेजस्वी की चुनावी रणनीति को धार देने की जिम्मेदारी एक हरियाणवी छोरे संजय यादव ने सम्भाल रखी थी।  संजय यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। और आईटी के जानकार हैं।

संजय यादव हरियाणवी छोरा

कौन है संजय यादव

हरियाणा के रहने वाले संजय यादव आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार हैं। तेजस्वी इस बार बड़े-बड़े दिग्गजों को किनारे लगा कर अपनी टीम के साथ चुनावी मैदान में रहे। हमेशा साए की तरह तेजस्वी यादव के साथ रहने वाले संजय यादव इस बार उनकी रैलियों में नजर नहीं आ रहे थे। संजय इस बार राबड़ी आवास पर कैंप कर चुनाव की प्लानिंग कर रहे थे। साथ ही वह तेजस्वी यादव के लिए रणनीति बनाने में जुटे थे। संजय यादव तेजस्वी के साथ 2015 के विधानसभा चुनाव से ही जुड़े हुए हैं। वह तेजस्वी यादव को आईपीएल के दिनों से जानते हैं। संजय एक आईटी कंपनी में नौकरी करते थे। तेजस्वी आईपीएल और संजय नौकरी छोड़ कर बिहार आए थे। 2015 के विधानसभा चुनाव से पहले संजय और उनकी टीम ने लालू परिवार के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स को संभाल लिए थे।

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संजय यादव हरियाणवी छोरा

रोजगार के मुद्दे पर की पिच तैयार

एनडीए को रोजगार के मुद्दे पर फंसाने की पिच संजय यादव ने तैयार की। पहली बार ऐसा हुआ कि बीजेपी रोजगार के मुद्दे की काट नहीं ढूंढ पाई। पूरा एनडीए का कुनबा संजय यादव द्वारा तैयार की गई रोजगार के मुद्दे की पिच पर ही खेलता नजर आया। यह इस चुनाव में संजय यादव की अहम स्ट्रैटजी साबित हुई।  संजय यादव की टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर आरजेडी की धमाकेदार उपस्थिति  दर्ज करवाई।। संजय ने इस बार के चुनाव के लिए रोजगार को मुद्दा बनाया है। तेजस्वी अपनी टीम की रणनीति के अनुसार ही चुनावी रैलियों में भाषण देते रहे हैं। एनडीए के नेता इस बार नौकरी के मुद्दे सिर्फ काटते रहे लेकिन वोटरों को लुभाने के लिए कोई काट नहीं ढूंढ पाए। 2015 में बिहार में जब महागठबंधन की सरकार बनी थी, तब तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री थे। साथ ही उनके पास पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी थी। उस वक्त संजय यादव उनके ओएसडी थे। संजय तेजस्वी यादव के साथ साए की तरह नजर आते हैं।

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