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कोरोना से ज्यादा खतरनाक हैं डिप्रेशन – साल भर में जितनी कोरोना से मौतें हुई उससे अधिक एक महीनें में आत्महत्या से हो गई।

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नई दिल्ली – जापान की सरकार ने एक चौंका देने वाली घटना का जिक्र किया हैं। सरकार ने एक डेटा जारी करते हुए बताया कि सुसाइड जापान के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा हैं। जापान की सरकारी डेटा के अनुसार वहां महज एक महीने के भीतर 2153 लोगों ने आत्महत्या कर ली। सरकार इस डेटा से बेहद चिंतित हैं। आपको बता दें कि जपान में कोरोना वायरस बिमारी से पूरे साल भर में मरने वालों की संख्या आत्महत्या से मरने वालें की तुलना में कम हैं।

आत्महत्या

जपान में एक साल के भीतर 2087 लोग कोरोना की चपेट में आ गए जबकी 2153 लोगों ने एक महीने के भीतर खुद की जान ले ली है।

मालूम हो कि जापान की कुल जनसंख्या 12 करोड़ हैं। जापान में कोरोना से भले ही शारिरीक मौतें कम हुई हों मगर मानसिक मौतें बड़े स्तर पर हो रही हैं। लोगों का मानसिक संतुलन डिस्टर्ब हो रहा हैं। कोरोना से काफी लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही हैं। लोग पलायन कर रहें है, बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो रहे हैं। जो अभी भी नौकरी कर रहें हैं उनकी सैलरी कम कर दी गई है, महामारी का भय और आर्थिक कमजोरी की वजह से लोग मानसिक तनाव में हैं और यही वजह है कि बड़ी संख्या में आत्महत्या के मामले सामने आ रहें है।

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आत्महत्या

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ऐसे हालात में विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है कि कोरोना महामारी के कारण मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर न होने दें। एक्सपर्ट का मानना है कि बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार हो सकते हैं। एन्जाइटी से जूझने वालों की संख्या भी बढ़ सकती हैं।

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