Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

पटना की सड़कों पर उतरे आरजेडी कार्यकर्ता का महाजाम, देखें भारत बंद की तस्वीरें

692

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

पटना – भारत बंद का असर जगह जगह देखने को मिल रहा हैं। हरियाणा, पंजाब , यूपी, राजस्थान, छत्तिसगढ़ , और महाराष्ट्र में बंद का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा हैं। विरोध में किसानों को समर्थन कर रहे विपक्ष का हंगामा भी तेज हैं। इस बीच खबर है कि पटना की सड़कों पर आरजेडी कार्यकर्ताओं का हुजूम सब्जियों के साथ सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे हैं।

भारत बंद

आरजेडी कार्यकर्ता सड़कों पर सब्जियों को फेंकते हुए नारें लगा रहे हैं। कृषि कानून के विरोध में तमाम कार्यकर्ता नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी को किसान विरोधी करार दे रहे हैं। बता दें कि बिहार में नीतीश सरकार के सामने एक मजबूत विपक्ष है जो समय समय पर उन्हें चुनौती देता है और आगे भी देता रहेगा चाहे वह सदन में हो या सड़कों पर।

भारत बंद

दरअसल किसानों का आंदोलन दिन ब दिन और तेज होता जा रहा हैं। किसान आज भी गांवों -शहरों से दिल्ली को पहुंच रहे हैं। हालांकि सुरक्षा कर्मी उन्हें दिल्ली में प्रवेश नही करने देते हैं। ऐसे में किसानों का जत्था बॉर्डर पर ही अपना आशियाना बना बैठे हैं। किसानों की भीड़ लगभग दिल्ली के सभी बॉर्डर पर पर धरना दे रहे हैं। आज यानी 8 दिसंबर को सिंघु बॉर्डर पर एक किसान की ठंड से मौत भी हो गई हैं।

- Advertisement -

किसानों और सरकार के पांच राउंड की बातचीत बेनतीजा, अगली वार्ता 9 दिसंबर को

सरकार और किसानों के बीच अब तक पांच राउंड की बातचीत हो गई हैं। लेकिन अर्थ कुछ स्पष्ट नही हो पाया हैं। अब किसान और सरकार के बीच 9 दिसंबर को बातचीत होनी हैं।

- Advertisement -

भारत बंद

सरकार का मानना है कि नए खेती कानून से किसानों की हालत बेहतर होगी। किसान अपने खेतों में आधुनिक तरीके से खेती करेंगे, अपने कॉट्रेक्टर के जरिए किसानों को हर कमी हर सुविधा मुहैया कराया जाएगा। फसल बेचने की चिंता खेतों मे ही दूर की जाएगी। किसानों का फसल बर्बाद न हों इसे लेकर समय समय पर मौसम की जानकारी भी दी जाएगी। इन सभी बातों को सरकार द्वारा किसानों को प्रजेंटेशन के जरिए समझाया जा रहा हैं। लेकिन किसानों का मानना कुछ और ही हैं।

भारत बंद

किसान हर हाल चाहते है कि यह कानून सरकार वापस ले ले। किसानों का कहना है कि कॉरपोरेट खेती में दखल देगा वह उन पर अपने तरीके से दवाब बनाएगा और किसान अपनी ही जमीन पर मजदूर बन जाएगा।

भारत बंद

फिलहाल सबकी नजर 9 दिसंबर को होने वाली वार्ता पर है अब देखना ये है कि सरकार और किसान में कौन अपने सुर में बदलाव करता हैं या फिर कोई तीसरे रास्ते की खोज होगी।

इसे भी पढ़े

सिंघु बोर्डर पर प्रदर्शन के दौरान एक किसान की मौत

किसान प्रदर्शन
फाइल तस्वीर

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More