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जीतन राम मांझी के इस मांग से बिहार की सियासत गरमाई, जेडीयू ने दिया जवाब

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पटना – बिहार की सियासत इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के इर्द गिर्द घुमने लगी हैं। दरअसल विधानसभा चुनाव में जीतन राम मांझी की पार्टी हम ने चार सीटें जीतकर एनडीए गठबंधन के स्तंभ के तौर पर उभरे है और यही कारण है कि मांझी के हर बयानों को सुर्खियां मिल रही हैं। बीते दिनों जीतन राम मांझी ने तेजस्वी की तारीफ की, जिसकी चर्चा बिहार की सियासत में खूब दिखा। अब जीतन राम मांझी ने अपने साथी नीतीश कुमार से बड़ी मांग कर दी हैं।

हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने गुरुवार को शराबबंदी कानून के तहत जेल में बंद लोगों को छोड़ने की अपील की है। उन्होंने यह मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की है। जीतन राम मांझी ने शराबबंदी के तहत बंद लोगो पर कहा वे छोटी गलतियों के कारण जेल में बंद हैं। उन्होंने ट्वीट कर शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए बधाई दी है और नीतीश कुमार से अनुरोध करते हुए कहा कि वैसे गरीब जो शराबबंदी कानून के तहत छोटी गलती के लिए तीन महीने से जेल में हैं, उनके जमानत की व्यस्था सुनिश्चित करवाएं। ऐसे गरीबों के बच्चे परिवार के मुखिया के जेल में रहने के कारण भूखे हैं।

जेडीयू नेता नीरज कुमार ने दिया जवाब

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शराबबंदी के कारण जेल में बंद लोगों की रिहाई को लेकर मांझी के इस बायन पर जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि यदि जीतन राम मांझी ने कोई राय रखी है तो एनडीए के घटक दल और हमारा शीर्ष नेतृत्व इस पर निर्णय लेगा। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि शराबबंदी की जो मूल भावना है उसके खिलाफ जीतनराम मांझी ने कुछ कहा नहीं है, कुछ सुझाव जरूर दिए हैं।

जीतन राम मांझी के इस मांग के बाद राजनीतिक गुरूओं का मानना है कि मांझी घटक दलों में अपने पार्टी का स्तंभ मजबूत करना चाहते हैं। बिहार में सत्ता के लिहाज से भी मांझी की मांगे महत्वपूर्ण हो गई हैं। ऐसे में नीतीश कुमार को उनकी मांगे नकारना भारी पड़ सकता हैं।

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