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किसानों से बोले पीएम- खुले मन से चर्चा के लिए तैयार, आपके विश्वास पर आंच नहीं आने देंगे

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नई दिल्ली-  किसान आंदोलन के मद्देनजर पीएम नरेंद्र मोदी ने 9 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि के किस्त जारी की। पहली बार पीएम ने किसान आंदोलन और सरकार द्वारा लाए गए तीनों किसान एक्टों पर खुल कर चर्चा की। 20 मिनट तक पीएम मोदी किसानों के इन बिलों के फायदे समझाते रहे।

मोदी ने कहा- सरकार किसान के साथ हर कदम पर खड़ी है। नए कानूनों के बाद किसान जहां चाहें और जहां सही दाम मिले, वहां अपनी उपज बेच सकते हैं। कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि नए कानूनों से आपकी जमीन चली जाएगी, उनकी बातों में नहीं आएं। उन्होंने  किसानों को भरोसा दिया कि सरकार खुले मन से चर्चा के लिए तैयार है। , मोदी किस मुद्दे पर क्या बोले?

 किसान आंदोलन पर क्या बोले मोदी 

प्रधानमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आंदोलन में कई भोले-भाले किसान हैं, लेकिन कृषि कानूनों को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि नए कृषि कानूनों से उनकी जमीन चली जाएगी।

मोदी ने कहा- कुछ नेता किसानों के नाम पर अपना एजेंडा चला रहे हैं। किसानों को गुमराह कर रहे हैं। उनके कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं। ये लोग हिंसा के आरोपियों को जेल से छुड़वाने की मांग कर रहे हैं। हम भरोसा दिलाते हैं कि किसानों के विश्वास पर कोई आंच नहीं आने देंगे। चर्चा के लिए हम तैयार हैं। समाधान के लिए हम खुला मन लेकर चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री कहा कि अभी कई जगह स्थानीय निकाय के चुनाव हुए। इसमें किसानों को वोट देना था। लोगों ने आंदोलन के अगुआ लोगों के खिलाफ वोटिंग की। विपक्ष से भी मैं आज नम्रता के साथ कहता हूं कि हमारी सरकार बात करने के लिए तैयार है, लेकिन बात मुद्दों पर होगी, तर्क और तथ्यों पर होगी।

एमएसपी पर भी बोले पीएम

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किसानों की सबसे बड़ी मांग यह है कि सरकार मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी MSP जारी रखने पर लिखित आश्वासन दे। मोदी ने किसान संवाद में इस पर भी बात की। उन्होंने कहा- आंदोलन में शामिल भोले-भाले किसान बताएंगे कि वे भी MSP पर अनाज बेच चुके हैं। सच तो ये है कि बढ़े हुए MSP पर सरकार ने रिकॉर्ड खरीदी की है, वो भी नए कानून बनने के बाद।

प्रधानमंत्री ने कहा- आप जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं। आपको जहां सही दाम मिले आप वहां पर उपज बेच सकते हैं। आप न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर अपनी उपज बेचना चाहते हैं तो आप उसे बेच सकते हैं।

मोदी ने समझाये नए कानूनों के फायदे

मोदी ने कहा- नए कानूनों के बाद आप मंडी में अपनी उपज बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप अपनी उपज दूसरे राज्य में बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप एफपीओ के माध्यम से उपज को एक साथ बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप बिस्किट, चिप्स, जैम, दूसरे कंज्यूमर उत्पादों की वैल्यू चेन का हिस्सा बनना चाहते हैं? आप ये भी कर सकते हैं। आप अपनी उपज का निर्यात करना चाहते हैं ? आप निर्यात कर सकते हैं। आप उसे व्यापारी को बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं।

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प्रधानमंत्री ने कहा- पंजाब में कई कंपनियां एग्रीमेंट फार्मिंग कर रही हैं। अगर फसल खराब हो गई तो सामने वाला एग्रीमेंट खत्म नहीं कर सकता, लेकिन किसान एग्रीमेंट कभी भी खत्म कर सकता है। पहले एग्रीमेंट तोड़ने पर किसानों पर जुर्माना लगता था, अब किसानों को कुछ नहीं देना पड़ता। अगर कंपनी को फसल से ज्यादा मुनाफा होगा, तो उसे फसल के दाम से अलग बोनस भी किसान को देना होगा। यानी अब रिस्क उठाने का मामला किसान नहीं, बल्कि कंपनी के जिम्मे है।

ममता समेत विपक्ष पर मोदी का निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल में जो किसानों को फायदा नहीं पहुंचने दे रहे, वे दिल्ली आकर किसानों की बात करते हैं। मुझे आज इस बात का अफसोस है कि मेरे पश्चिम बंगाल के 70 लाख से ज्यादा किसान भाई-बहनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बंगाल के 23 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। लेकिन, राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को इतने लंबे समय से रोक रखा है।

मोदी ने कहा- जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते, वो यहां दिल्ली में आकर किसान की बात करते हैं। इन दलों को आजकल APMC मंडियों की बहुत याद आ रही है। लेकिन ये बार-बार भूल जाते हैं कि केरल में APMC मंडियां हैं ही नहीं। केरल में ये लोग कभी आंदोलन नहीं करते।

 किसानों को दिलाया भरोसा

मोदी ने कहा- हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले। हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना MSP किसानों को दिया। पहले कुछ ही फसलों पर MSP मिलती थी, हमने उनकी भी संख्या बढ़ाई। हम इस दिशा में भी बढ़े कि फसल बेचने के लिए किसान के पास सिर्फ एक मंडी नहीं बल्कि नए बाजार हों। हमने देश की एक हजार से ज्यादा कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा। इनमें भी एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।

 प्रधानमंत्री ने कहा- कृषि सुधारों के जरिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए हैं। इन कानूनों के बाद आप जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं। आपको जहां सही दाम मिले आप वहां पर उपज बेच सकते हैं। आप न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर अपनी उपज बेचना चाहते हैं तो उसे बेच सकते हैं। आप मंडी में अपनी उपज बेचना चाहते हैं तो वहां भी बेच सकते हैं। निर्यात करना चाहें या व्यापारी को बेचना चाहें यह भी आपकी मर्जी है।

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