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‘वन नेशन वन इलेक्शन’ देश में लोकतंत्र की जड़ो को मजबूत करेगा-भूपेन्द्र यादव

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नई दिल्ली- भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल की मेजबानी में वन नेशन वन इलेक्शन पर आज एक वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन  अटल बिहारी फॉउन्डेशन  के तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के तौर पर भाजपा राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्य सभा सांसद  भूपेन्द्र यादव  ने शिरकत की। वहीं भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष  आदेश गुप्ता  ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

वन नेशन वन इलेक्शन समय की आवश्यकता- गोपाल

कार्यक्रम के विषय प्रवर्तन में सभा का स्वागत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि देश में वन नेशन वन इलेक्शन समय की आवश्यकता है। इस पर पूरे देश में व्यापक  चर्चा  की जरूरत है और सहमति बनाने की आवश्यकता है। देश में हर साल लगातर चुनाव होते रहते हैं जिसके कारण देश में आचार संहिता लगी रहती है और विकास कार्य ठप हो जाते हैं।

वन नेशन वन इलेक्शन राष्ट्र की जरूरत- भूपेंद्र यादव

कार्यक्रम में वेबिनार के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता भूपेन्द्र यादव जी ने कहा कि यह सिर्फ चर्चा का विषय नहीं बल्कि राष्ट्र की जरूरत है। देश में हर कुछ महीनों में कहीं ना कहीं बड़े चुनाव हो रहे होते हैं।इससे विकास के कार्यों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, साथ ही बड़े पैमाने पर खर्च होता है। एक साथ चुनाव होने से देश और राज्यों के विकास योजनाओं को रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि पांच साल में चुनाव होने से लोकतंत्र की जड़ें उतनी ही मजबूत रहेंगी जितनी अभी हैं।

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उन्होंने कहा कि हम जानते है कि भारत का भौगोलिक स्वरूप एक जैसा नहीं है। उदाहरण के तौर उत्तर प्रदेश में जब लोकसभा का चुनाव होता है तो 6 महीने के लिए आचार संहिता होती है, फिर विधानसभा में 6 महीने के लिए आचार संहिता होती है। ऐसे ही पंचायत और नगर निगम के चुनावों में लगातार आचार संहिता रहती है। इससे गवर्नेंस पीछे छूट जाती है और चुनाव पहला ध्येय बन जाता है। देश में चुनावों होने की एक निश्चित तिथि होने चाहिए। इससे देश का बहुत सारा फंड भी बचेगा।

“वन नेशन वन इलेक्शन”छोटे दलों के लिए भी लाभकारी होगा

उन्होंने कहा कि“वन नेशन वन इलेक्शन”छोटे दलों के लिए भी लाभकारी होगा। जैसे, उडीसा का चुनाव हमने देखा है। जहां लोकसभा में बीजेपी को ज्यादा वोट मिले लेकिन विधानसभा चुनावों में बीजू जनता दल को ज्यादा मतदान मिला इससे साबित होता है कि मतदाता क्षेत्रिय और राष्ट्रीय आकांक्षाओं को अलग अलग समझते हैं।जब हम कोरपोरेशन का चुनाव लड़ते हैं तो वोट प्रतिशत ज्यादा होता है। फिर विधानसभा का उससे कम होता है और लोकसभा का उससे भी कम मतदान प्रतिशत होता है। लेकिन जब एक देश एक चुनाव होंगे तो उससे पूरा मतदान प्रतिशत बढ़ जाएंगे।

भूपेन्द्र यादव ने कहा कि “वन नेशन वन इलेक्शन”से देश के धन की बचत होगी क्योंकि मशीनरी का  एक बार ही चुनावों के लिए प्रयोग होगा और इससे देश में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। “वन नेशन वन इलेक्शन”से राजनीति में अपराधीकरण भी रुकेगा। गांधी जी कहा करते थे कि बड़े उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए साधन पवित्र होने चाहिए।

देश में वन नेशन वन इलेक्शन पर बहस की जरूरत

दिल्ली प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि सबसे पहले हमें देश में इस विषय पर गहन विचार की आवश्यकता है।देश में 1967 तक एक साथ ही इलेक्शन होते थे। लेकिन उसके बाद जब स्वार्थवश सरकारें गिराई गई तो फिर मिड टर्म इलेक्शन होने लगे। वन नेशन वन इलेक्शन से देश मजबूत होगा, विकास भी होगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो इस विषय पर चर्चा की शुरूआत की है, वो सराहनीय है। हम इस विचार को आम जनमानस के बीच लेकर जाएंगे।

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