Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र को सरकार को लगाई जमकर फटकार, कोर्ट ने पूछा- आप कानून को होल्ड कर रहे हैं या नहीं? अगर नहीं तो हम कर देंगे.

229

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली –  शीर्ष अदालत ने सोमवार को किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि प्रदर्शन में किसानों की मौत हो रही है, ऐसे में सरकार अभी इन कानूनों पर रोक लगाएगी या फिर अदालत ही इसे लेकर आदेश जारी करे। शीर्ष अदालत ने इस फैसलों को अब कमेटी के हाथ में सौंपने का मन बनाया हैं।, मंगलवार को कमेटी की रुप-रेखा तय की जा सकती है।

कल फिर होगी सुनवाई

शीर्ष अदालत ने अब केन्द्र और पक्षकारों से कुछ नाम देने को कहा है। ताकि कमेटी में उन्हें शामिल किया जा सके। हमारे लिए लोगों का हित जरूरी है, अब कमेटी ही बताएगी कि कानून लोगों के हित में हैं या नहीं। अब इस मामले को कल फिर सुना जाएगा, कमेटी को लेकर भी कल ही निर्णय हो सकता है।

इंडिया टूडे रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष अदालत ने कहा, ना तो हम इन कानूनों की मेरिट पर कोई सुनवाई कर रहे हैं और ना ही इसे वापस लेने या रद्द करने की याचिका पर। हमारा सवाल सरकार से बिल्कुल साफ है कि वह क्या कर रही है? नाराज चीफ जस्टिस ने कहा कि ये दलील सरकार को मदद नहीं करने वाली कि किसी दूसरे सरकार ने इसे शुरू किया था. आप किस तरह का समझौता कर रहे हैं? कैसे हल निकाल रहे हैं इसका?

कानून पर तत्काल रोक क्यों नही लगा रही सरकार

- Advertisement -

- Advertisement -

मुख्य न्यायधीश ने आगे कहा, हम ये नहीं कह रहे हैं कि आप कानून को रद्द करें. हम बहुत बकवास सुन रहे हैं कि कोर्ट को दखल देना चाहिए या नहीं। हमारा उद्देश्य सीधा है कि समस्या का समाधान निकले। हमने आपसे पूछा था कि आप कानून को होल्ड पर क्यों नहीं रख देते?

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि हमने यही सुना है मीडिया और दूसरी जगहों से भी कि असली समस्या कानून है. इस दौरान सॉलिसिटर जनरल ने बोलना चाहा. लेकिन चीफ जस्टिस ने उन्हें टोकते हुए कहा, हम समझ नहीं पा रहे हैं कि आप समस्या का हिस्सा हैं या समाधान का?

इसके बाद दलील देते हुए सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि देश के दूसरे राज्यों में कानून को लागू किया जा रहा है। किसानों को समस्या नहीं है, केवल प्रदर्शन करने वालों को है. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर देश के दूसरे किसानों को समस्या नहीं है तो वो कमिटी को कहें. हम कानून विशेषज्ञ नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से दो टूक पूछा कि क्या आप कानून को होल्ड कर रहे हैं या नहीं? अगर नहीं तो हम कर देंगे।

चीफ जस्टिस ने कहा, स्थिति खराब हो रही है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं. पानी की सुविधा नहीं है. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है. किसान संगठनों से पूछना चाहता हूं कि आखिर इस ठंड में प्रदर्शन में महिलाएं और बूढ़े लोग क्यों हैं. वरिष्ठ नागरिकों को प्रदर्शन में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है. मुझे जोखिम लेने दें. उन्हें बताएं कि भारत के मुख्य न्यायाधीश चाहते हैं कि वे घर जाएं. आप उन्हें इससे अवगत कराएं।

इसे भी पढ़े –दिल्ली, महाराष्ट्र समेत नौ राज्यों में फैला बर्ड फ्लू , केंद्र ने प्रभावित स्थलों पर दौरे के लिए बनाई टीमें

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More