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किसान नेताओं को गोली मारने वाले कथित शूटर का सनसनीखेज आरोप, कहा – हमें अगवा कर जबरदस्ती बयान देने को कहा

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नई दिल्ली – सिंघु बोर्डर पर करीब दो महीनों से चल रहे किसान आंदोलन में बीती रात किसानों द्वारा एक बड़ा खुलासा किया गया था। किसानों ने प्रेश कॉन्फ्रेंस कर एक व्यक्ति को पेश किया और वह व्यक्ति ने गणतंत्र दिवस पर भाड़ी हिंसा होने और किसान नेता को गोली की योजना का खुलासा किया था। अब इस मामले में एक नया सनसनीखेज आरोप सामने आएं हैं।

जिस व्यक्ति को प्रेश कॉन्फ्रेंस में लाया गया था, वह व्यक्ति कॉन्फ्रेंस के दौरान खुद को शूटर बताया था, और गणतंत्र दिवस पर होने वाली हिंसा की सारी कहानी सिलसिलेवार तरीके से बताया, बाद में किसानों ने उस व्यक्ति को पुलिस को सुपुर्द कर दिया।

जानकारी के मुताबिक ,पुछताछ में वह व्यक्ति ने कहा कि वह 19 जनवरी को दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के घर आया था और दिल्ली में पैदल घुसते वक्त ही कुछ लोगों ने उसे अगवा कर उसकी पिटाई की थी। बता दें कि व्यक्ति का नाम योगेश है, वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला हैं।

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योगेश ने पूछताछ में कहा कि इन लोगों ने उसपर दबाव बनाते हुए कहा था कि वो लोग जो कहें, उसे मीडिया के सामने वही कहना पड़ेगा। इसके बाद योगेश ने मीडिया के सामने बातचीत करते हुए कहा था कि उसे दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों की रैली पर फायरिंग करने के लिए भेजा गया था। हालांकि अब योगेश ने कहा है कि ऐसा कहने के लिए उसे उन प्रदर्शनकारियों ने ही कहा था, जो उसे अगवा करके ले गए थे।

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कथित शूटर योगेश ने कहा कि अगवा करने वाले लोगों ने उसे कैंप में ले जाकर उसके साथ मारपीट की थी और रात को उसे शराब भी पिलाई थी। योगेश ने अपने दावे में यह भी कहा कि उसके साथ कुछ और युवक भी पकड़े गए थे। बता दें कि योगेश को ही किसान संगठनों ने गुरुवार को मीडिया के सामने पेश किया था और कहा था कि उसे किसानों की ट्रैक्टर रैली पर फायरिंग करने के लिए दिल्ली में भेजा गया था।

 राई थाने के जिस व्यक्ति का नाम का जिक्र किया गया, वहां उस नाम का कोई नही

इसके बाद योगेश ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि उसे राई थाने के एसएचओ की ओर से ऐसा करने के लिए कहा गया था। हालांकि राई थाने के पुलिस अधिकारियों ने इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि योगेश ने मीडिया के सामने जिस प्रदीप नाम के शख्स को राई थाने का एसएचओ बताते हुए तमाम दावे किए हैं, उस नाम का कोई शख्स थाने में तैनात ही नहीं है।

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