Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

मन की बात में बोले पीएम – पानी पारस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण, जानिए मन की बात की तमाम बातें।

181

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 74वीं बार देश को मन की बात से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने मन की बातें कही। प्रधानमंत्री ने साल के दूसरे ‘मन की बात’ में पानी के महत्व पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि कल माघ पूर्णिमा का पर्व था। माघ महीना विशेष रूप से नदियों, सरोवरों और जलस्रोत्रों से जुड़ा हुआ माना जाता है। माघ महीने में किसी भी पवित्र जलाशय में स्नान को पवित्र माना जाता है। दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई न कोई परम्परा होती है। नदियों के तट पर ही अनेक सभ्यताएं विकसित हुई हैं। भारत में कोई ऐसा दिन नहीं होगा जब देश के किसी कोने में पानी से जुड़ा कोई उत्सव न हो।

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा कैच द रेन शुरू होगा

पीएम मोदी ने कहा कि इस बार हरिद्वार में कुंभ भी हो रहा है। जल हमारे लिए जीवन भी है, आस्था भी है और विकास की धारा भी है। पानी एक तरह से पारस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। कहा जाता है पारस के स्पर्श से लोहा, सोने में परिवर्तित हो जाता है। वैसे ही पानी का स्पर्श जीवन के लिए जरूरी है। इसलिए पानी के संरक्षण के लिए हमें अभी से ही प्रयास शुरू कर देने चाहिए। उन्होंने बताया कि अब से कुछ दिन बाद ज​ल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल शक्ति अभियान ‘कैच द रेन’ शुरू किया जा रहा है।

पीएम ने संत रविदास जी को याद किया

- Advertisement -

संत रविदास जी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि माघ महीने और इसके आध्यात्मिक सामाजिक महत्त्व की चर्चा संत रविदास जी के नाम के बिना पूरी नहीं होती। रविदास जी कहते थें- करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो आस। कर्म मानुष का धम्र है, सत् भाखै रविदास। अर्थात हमें निरंतर अपना कर्म करते रहना चाहिए, फिर फल तो मिलेगा ही मिलेगा, कर्म से सिद्धि तो होती ही होती है।

- Advertisement -

पीएम मोदी ने कहा कि हम अपने सपनों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर रहें, ये बिलकुल ठीक नहीं है। हमारे युवाओँ को कोई भी काम करने के लिए खुद को पुराने तरीकों में बांधना नहीं चाहिए। अपने जीवन को खुद ही तय करिए। अपने तौर तरीके भी खुद बनाइए और अपने लक्ष्य भी खुद तय करिए। अगर आपका विवेक, आपका आत्मविश्वास मजबूत है तो आपको दुनिया में किसी भी चीज से डरने की जरूरत नही है।

पीएम ने परिक्षा पे चर्चा करने की बात कही

पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले कुछ महीने आप सब के जीवन में विशेष महत्व रखते हैं। अधिकतर युवा साथियों की परीक्षाएं होंगी। हंसते हुए परीक्षा देने जाना है और मुस्कुराते हुए लौटना है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हम ‘परीक्षा पे चर्चा’ करेंगे। मार्च में होने वाली ‘परीक्षा पे चर्चा’ से पहले मेरी आप सभी एग्जाम वॉरियर्स से, अभिभावकों से, और शिक्षकों से अनुरोध है कि अपने अनुभव, अपने टिप्स ज़रूर शेयर करें।

पीएम ने कहा कि इस कोरोना के समय में मैंने कुछ समय निकालकर एग्जाम वॉरियर्स किताब में भी कई नए मंत्र जोड़ दिए हैं। इन मंत्रों से जुड़ी ढेर सारी इंट्रेस्टिंग एक्टीविटीज नरेंद्र मोदी ऐप पर दी हुई हैं जो आपके अंदर के एग्जाम वॉरियर्स के हौसले को बढ़ने में मदद करेंगी।

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More