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उत्तराखण्ड की राजनीति में बड़ी हलचल, मुख्यमंत्री तिवेंद्र रावत की कुर्सी खतरे में

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देहरादून- उत्तराखंड के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है प्रदेश में भाजपा कोर ग्रुप की बैठक शुरू हो चुकी है। हाईकमान के आदेश पर्यवेक्षक के तौर पर उत्तराखंड भेजे गए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, संगठन महामंत्री अजय कुमार, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं नैनीताल सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत एवं टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह इस बैठक में मौजूद हैं। बैठक को लेकर तमाम तरीके की चर्चाएं जोरों पर हैं। इधर आनन-फानन में बजट सत्र भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसके साथ ही तीसरी बड़ी खबर यह है कि करीब एक दर्जन से ज्यादा विधायक देहरादून पहुंच चुके हैं। केंद्रीय पर्यवेक्षक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

विधायकों ने की थी राष्ट्रीय अध्यक्ष से शिकायत

उत्तराखंड में बीजेपी के कई विधायकों ने कुछ महीने पहले दिल्ली आकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। उन्होंने यह डर भी जाहिर किया कि अगर मौजूदा स्थिति में चुनाव हुए तो बीजेपी की मुश्किल बढ़ सकती है। कई विधायक खुलकर अफसरों की शिकायत भी कर चुके हैं कि अफसर काम नहीं कर रहे और चुनाव में वह जनता के सामने कैसे जाएंगे।

जा सकती हैं मुख्यमंत्री की कुर्सी

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सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड बीजेपी के कई लोग केंद्रीय नेतृत्व के सामने यह साफ कह चुके हैं कि बिना बदलाव किए चुनाव में बीजेपी की मुश्किल बढ़ सकती है जिसका फायदा कांग्रेस उठा सकती है। बीजेपी के एक पदाधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर कहा कि अगर मौजूदा सीएम के नेतृत्व में चुनाव में उतरते हैं तो मुश्किल हो सकती है।

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अगले साल होने है चुनाव

पीएम अगर रैली करेंगे तो क्या उससे फर्क नहीं पड़ेगा, यह पूछने पर उन्होंने कहा कि “मुझे डर है कि यहां भी राजस्थान जैसा नारा न दोहराया जाए कि मोदी तुझसे बैर नहीं लेकिन…. “। उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में चुनाव हैं और इस बार दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने भी उत्तराखंड में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। बीजेपी सरकार को एंटी इनकंबेंसी का सामना तो करना पड़ेगा ही साथ ही बीजेपी के अंदर चल रही खींचतान भी बीजेपी की चुनौती बढ़ा सकती है।

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