Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

कौन हैं मुम्बई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह जिनके ट्रांसफर को कई टीवी चैनल अपनी जीत के तौर पर देख रहे हैं

83

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली- परमबीर सिंह का मुम्बई पुलिस कमिश्नर के पद से ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें डीजी होमगार्ड बनाया गया है। उनके ट्रांसफर को कई टीवी चैनल अपनी जीत के तौर पर दिखा रहे हैं। उनके ट्रांसफर के बाद उन पर कई आरोप भी लग रहे हैं। आखिर कौन है परमवीर सिंह कहां से ताल्लुक रखते हैं। हम आपको इस आर्टिकल में उनके बारे में सबकुछ बताएंगे।

param bir singh

हरियाणवी है परमवीर सिंह दहिया

परमबीर सिंह का पूरा नाम परमबीर सिंह दहिया है। वो एक हरियाणवी जाट फैमली से ताल्लुक रखते हैं। उनका जन्म 1962 में चंडीगढ़ में हुआ था। इनके पिता का नाम होशियार सिंह दहिया है। परमबीर सिंह के पिता हिमाचल सरकार में एसडीएम के पद पर तैनात रहे हैं। परमबीर सिंह ने अपनी स्कूलिंग डीएवी स्कूल अमृतसर से की है जबकि वो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सोशोलॉजी के भी छात्र रहे हैं। वह 1988 बैच की आइपीएस अधिकारी है।

param bir singh

- Advertisement -

महाराष्ट्र कैडर के तेजतर्रार अधिकारी माने जाते रहे हैं परमबीर

- Advertisement -

सितंबर 2017 में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर की गिरफ्तारी के वक्त परमबीर सिंह ठाणे के पुलिस कमिश्नर थे। इकबाल को बिल्डर से उगाही की धमकी के आरोप में ठाणे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। 90 के दशक में मुंबई पुलिस ने जॉइंट सीपी अरविंद इनामदार के निर्देशन में स्पेशल ऑपरेशन स्क्वॉड बनाई थी। परमबीर सिंह इस स्क्वॉड के पहले डीसीपी थे। परमबीर सिंह को अंडरवर्ल्ड की अच्छी जानकारी है। 1993 के सीरियल ब्लास्ट में परमबीर सिंह ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा ठाणे पुलिस कमिश्नर रहने के दौरान इन्होंने ड्रग्स रैकिट केस में बॉलीवुड ऐक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को आरोपी बनाया। ममता के पति विकी गोस्वामी भी इस केस में शामिल हैं।

परमबीर सिंह ठाणे के पुलिस कमिश्नर बनने से पहले महाराष्ट्र एटीएस में भी लंबे समय तक रहे। उस दौर में उन्होंने चंडीगढ़ में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीआईजी साजी मोहन को ड्रग्स के रैकिट में गिरफ्तार किया था। 7/11 के मुंबई ट्रेन ब्लास्ट की जांच से भी वह जुड़े थे। जब प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मालेगांव ब्लास्ट में गिरफ्तार किया गया था, तब एटीएस चीफ हेमंत करकरे की लीडरशिप में डीआईजी सुखविंदर सिंह के साथ डीआईजी परमबीर सिंह ने भी उस केस की जांच की थी। उन्होंने फेक करंसी के भी कई बड़े केस डिटेक्ट किए, जिनका लिंक पाकिस्तान और आईएसआई से था।

परमबीर सिंह लीडरशिप में हुए कुछ डिटेक्शन की वजह से एफबीआई की टीम को अमेरिका से दो बार ठाणे आना पड़ा था। परमबीर सिंह जब ठाणे के सीपी थे, तब उन्होंने कई हाई-प्रफाइल केस डिटेक्ट किए थे। इनमें एक केस इंटरनैशनल कॉल सेंटर का था। इन केसों की जांच के लिए अमेरिका की एफबीआई को भारत में आना पड़ा था।
param bir singh

कौन कौन है परिवार में

परमबीर सिंह की पत्नी का नाम सविता सिंह है जो एलआईसी हाउसिंग की इंडिपेंडेंट डाइरेक्टर रह चुकी हैं। इनके बेटे का नाम रोहन सिंह है। रोहन सिंह की शादी नागपुर के बीजेपी नेता की बेटी से हुई है। सविता सिंह ने हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से अंग्रेज़ी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। वे मुंबई विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट भी हैं।

अर्नव गोस्वामी का टीआरपी विवाद

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद अर्नव गोस्वामी ने मुम्बई पुलिस के कमिश्नर और उद्धव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिसके बाद अर्नव गोस्वामी के रिपब्लिक मीडिया को टीआरपी स्कैम में फंसा दिया गया। जिसके बाद अर्नब गोस्वामी को जेल में भी जाना पड़ा है। टीआरपी स्कैम का खुलासा करने के लिए मुम्बई पुलिस के कमिश्नर रहे परमबीर सिंह के खुद सामने आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते खुलासा किया। जिसके बाद अर्नब गोस्वामी को भी जेल में जाना पड़ा था। मुम्बई पुलिस कमिश्नर बनने के बाद परमबीर सिंह का जैसे विवादों से नाता सा हो गया था।

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More