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बिहार – पंचायत चुनाव में जिला परिषद उम्मीदवार 1 लाख खर्च कर सकेंगे, मुखिया उम्मीदवार 40 हजार, जानिए अन्य उम्मीदवारों के खर्च और गाइडलाइन

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पटना – इसी वर्ष में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने खर्च सीमा के साथ – साथ चुनावों में नियम बरतनें की गाइडलाइन जारी कर दिया हैं। इनमें सबसे अधिक खर्च जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार कर सकते हैं। वहीं मुखिया औऱ सरपंच का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार 40 हजार रूपये तक खर्च कर सकते हैं। पंचायत समिति सदस्य को 30 हजार, ग्राम पंचायत सदस्य और पंच को 20 हजार खर्च करने की छूट दी गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 101 पन्नों के गाइडलाइन में चुनाव को लेकर नियमें भी जारी की गई हैं। इनमें क्या करें और क्या न करें जैसे गाइडलाइन शामिल हैं।

1 कोई भी प्रत्याशी अगर किसी सियासी दल का झंडा इस्तेमाल करता हैं तो वह आयोग्य करार दिया जाएगा।

2 पंचायत चुनाव में किसी राजनीतिक पार्टी के नाम या चुनाव चिह्न के सहारे वोट मांगा तो भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।

3 धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता या घृणा फैलाना भी आदर्श आचार संहिता उल्लंघन माना जाएगा

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4 प्रचार के लिए मस्जिद, गिरिजाघर, मंदिर या अन्य पूजास्थलों का मंच के रूप में इस्तेमाल करना एवं जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई देने पर इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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इसके साथ ही आम लोगों को कोई परेशानी न हों इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी गाइडलाइन में उम्मीदवारों के लिए कई निर्देश जारी किए हैं,

जुलूस के शुरू होने का समय व स्थान, मार्ग और किस समय-स्थान पर जुलूस समाप्त होगा, यह पहले से तय कर पुलिस प्राधिकारियों से अग्रिम रूप से अनुमति लें।

जिन मोहल्लों से होकर जुलूस गुजरेगा वहां पर लागू निषेधात्मक आदेश का पता लगाया जाए और पूरी तरह से उनका अनुपालन किया जाए। साथ ही यातायात नियमों और प्रतिबंधों का भी अनुपालन किया जाए।

जुलूस का रास्ता ऐसा होना चाहिए जिससे यातायात में कोई बाधा न पड़े।

मतदाताओं को जारी पहचान पर्ची सादे (सफेद) कागज की होनी चाहिए, जिस पर अभ्यर्थी का नाम या प्रतीक नहीं हो।
मतदान के दिन वाहन चलाने पर प्रतिबंधों का पूर्णरूपेण पालन किया जाए।

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