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तेजस्वी यादव बोले – नरभक्षी शासकों ने जमकर पीटा कि एंबुलेंस लेकर जाना पड़ा, राहुल गांधी, अखिलेश यादव सभी भड़के

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पटना – बिहार विधानसभा के लिए 23 मार्च 2021 यानी बीते कल का दिन बेहद भयावह, बेहद शर्मनाक दिनों के तौर याद रखा जाएगा। 23 मार्च के सुबह से ही पटना की सड़कों पर विपक्ष रोजगार, मंहगाई, अपराधिकरण पर सरकार को घेरने के लिए सड़क पर उतरे थे, आरजेडी का मार्च विधानसभा तक पहुंचना था, इधर रास्ते में पुलिस ने आरजेडी कार्यकर्ताओं को रोक लिया। बस क्या था इस मार्च में तेजप्रताप और तेजस्वी यादव के मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने झंडा बैनर लिए जबरन आगे बढ़ने लगे, देखते ही देखते पुलिस और कार्यकर्ताओं रोड़े, पत्थर, लाठी सब चला। कई सिर फटा, कई घायल हुए। ये थी 23 मार्च दोपहर की बातें..

इधर विधानसभा में विपक्ष के गैरमौजूदगी में सरकार ‘सशस्त्र पुलिस विधेयक, 2021’ पास करा लिया। मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि यह विधयेक बिहार सैन्य बल के नाम बदलने और उन्हें और मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि बिहार अभी आंतरिक सुरक्षा के मामले में केंद्रीय सुरक्षा बलों पर निर्भर है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधेयक के पास होने के पहले सदन में हुए हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सवालिया लहजे में कहा कि आखिर इस विधेयक को लेकर गलतफहमी कैसे फैल गई। अगर विपक्ष चर्चा में भाग लेता तो सभी सवालों का जवाब दिया जाता। उन्होंने इसे चूक बताते हुए कहा कि अधिकारियों को इसकी जानकारी प्रेस को दे दी जानी चाहिए थी। जिस दिन विधेयक पेश हुआ, उसी दिन से विरोध शुरू हो गया।

नीतीश कुमार ने विधानसभा में हुई घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यहां खड़े होकर क्या-क्या करवाया गया। उन्होंने कहा कि नए विधायकों को बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सशस्त्र बल को अधिकार दिया जा रहा है, इसकी भी लिमिट है। अन्य राज्यों में भी ऐसी व्यवस्था है। ये ऐसा कानून नहीं जो लोगों को कष्ट देगा, ये लोगों की रक्षा करनेवाला है।’’

इधऱ विपक्ष का हंगामा, बिल को लेकर शुरू हो गया था, विपक्ष द्वारा इस बिल की पत्रियां भी फाड़ दी गई। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दिन में कई बार स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सदन की कार्यवाही शाम साढे़ चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी और अपने कक्ष के अंदर चले गए, जबकि महागठबंधन के सदस्यों ने इसे चारों ओर से घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। स्थिति से निपटने में मार्शल को बुलाया गया, हालात नहीं संभलता देख पुलिस की एंट्री हुई। और उसके बाद जो कुछ भी हुआ वह बिहार समेत पूरे देश ने देखा।

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अब इस मामलें में तरह तरह के बयान आना शुरू हो गया हैं। तेजस्वी यादव जो कि विपक्ष के नेता हैं इसलिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया हैं।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा – ‘बिहार विधानसभा की शर्मनाक घटना से साफ है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह RSS/BJP-मय हो चुके हैं। लोकतंत्र का चीरहरण करने वालों को सरकार कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। विपक्ष फिर भी जनहित में आवाज़ उठाता रहेगा- हम नहीं डरते!’

अखिलेश यादव ने कहा – बिहार विधानसभा में सशस्त्र बलों द्वारा विधायकों पर हमला अपराधिक कृत्य हैं। सड़क पर भी जो बेरोजगार युवाओं पर हमले हुए वो दिखाते हैं कि सत्ता मिलने के बाद भाजपाई सरकारें जनता को क्या समझती हैं। निंदनीय

बिहार में लोकतंत्र पर कातिलाना हमला हुआ हैं।

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