Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

अमित शाह भारत में राष्ट्रवाद के नए पुरोधा

युवाओं तक राष्ट्रवाद को नए रूप में परिभाषित करने का श्रेय अमित शाह को जाता है।

248

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली-  मेरी राजनैतिक समझ जब से विकसित हुई है तब से लेकर अब तक भारत की राजनीति को करीब से देखा और महसूस किया है। मैंने कई गृहमंत्रियों का कार्यकाल देखा है। लेकिन अमित भाई शाह विरले गृहमंत्री हैं जो बहुत मजबूती के साथ अपनी बात रखते हैं और उस पर अडिग रहते हैं।  अमिक शाह ने भाजपा अध्यक्ष होते हुए पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से अपने पद का निर्वहन किया और भारतीय जनता पार्टी को अपने स्वर्णकाल में पहुंचा दिया। उनके अध्यक्षीय काल में भारतीय जनता पार्टी ने अपने खाते में सर्वकालिक महान उपलब्धियों को जोड़ा है। उनकी कार्यकुशलता का ही परिणाम है कि पार्टी ने देश पर दशकों राज करने वाली इंडियन नेशनल कांग्रेस को भारतीय राजनीति में गर्त में धकेल दिया है। उनके कैलकुलेशन में इतनी सटीकता होती है जो अभी तक किसी भी भारतीय राजनेता में नहीं देखी गई है। वो बेजोड़ रणनीतिकार हैं। अमित शाह पार्टी के उन करोड़ों कार्यकर्ताओं को स्फूर्ति प्रदान करते हैं जो देश के किसी भी एरिया में जी जान से पार्टी के कामों में जुटे हुए हैं।

गृहमंत्री के रूप में अमित भाई शाह

अमित शाह बतौर गृहमंत्री का कार्यकाल देश के लिए सदैव अवस्विमरणीय रहेगा। युवा ने देशहित में त्वरित निर्णय लेना वाला ऐसा गृहमंत्री नहीं देखा है। जो आज की युवा पीढ़ी है उसके मन में राष्ट्रवाद के विचार को पल्लवित करने का अधिकांश श्रेय अमित भाई शाह को जाता है। उन्होंने नेशन फर्स्ट के सिद्धांत को वास्तविकता में जमीन पर उतारा है। उनके कार्यकाल में हुए एतिहासिक निर्णय इसकी गवाही देते हैं।

आर्टिकल 370 और धारा 35 ए का खात्मा

जिस धारा 370 को खत्म करने के भारतीय जनता पार्टी ने जनसंघ के समय  से ही लड़ाई लड़ी थी  उस आर्टिकल 370 को अमित भाई शाह ने देश से खत्म कर दिया और देश की एकजुटता को और अक्षुण बना दिया । 370 को खत्म करना कोई छोटी बात नहीं थी।जम्मू कश्मीर 70 साल तक आर्टिकल 370 की जंजीरों में जकड़ा रहा। 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने कश्मीर को अनुच्छेद 370 से मुक्ति दे दी। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में देश के वो सभी कानून लागू हो गए, जिन्हें 70 साल तक लागू नहीं किया जा सका था। अनुच्छेद 370 की बेड़ी टूटने के साथ ही जम्मू-कश्मीर के लोगों को अब केंद्र सरकार की लाभकारी योजनाओं का भी फायदा मिलने लगा, जिनसे कई सालों तक कश्मीर के लोगों को वंचित रखा गया। ये फैसला गृहमंत्री अमित शाह की देश के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है, एक राष्ट्रवादी सरकार के राष्ट्रवाद का द्योतक  है जो राष्ट्र निर्माण में किसी के अच्छे और बुरे लगने के लिए फैसले नहीं करती है बल्कि जो देश के लिए जरूरी हैं वो फैसलों को निसंकोच लागू करती है बिना किसी की परवाह किए हुए।

- Advertisement -

- Advertisement -

राम मंदिर का निर्णय

पूरा देश भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण का इंतजार सदियों से कर रहा था। भगवान राम जो पूरे भारत के आराध्य हैं उनके लिए भव्य मंदिर का निर्माण भारत के इतिहास के लिए अति आवश्यक था। गृहमंत्री अमित भाई शाह के गृहमंत्री बनने के छह महीने के अंदर मंदिर पर फैसला आ गया और अब मंदिर निर्माण शुरू हो भी गया है। राम मंदिर का निर्माण भारत में राष्ट्रवाद और पुर्ननिर्माण की एक गाथा की तरह है। जो भारतीय कांग्रेस के लम्बे शासन में राष्ट्रवाद को भूल चुके थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी अध्यक्ष रहते हुए अमित भाई शाह राष्ट्रवाद की जो अलख जाएगी है। वो सदियों तक भारत के राष्ट्रवादियों को एक ऊर्जा प्रदान करती रहेगी। और भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर उस ऊर्जा के केंद्र के रूप में जाना जाएगा।

नागरिकता अधिनियम

पिछले साल 11 दिसंबर को संसद में नागरिकता संशोधन बिल पेश किया, जो अब कानून बन चुका है। नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता का अधिकार मिल गया। यानी इन देशों के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई जो सालों से शरणार्थी की जिंदगी जीने को मजबूर थे। उन्हें भारत की नागरिकता प्राप्त करने का अधिकार मिल गया। नागरिकता संसोधन अधिनियम का जिस प्रकार सोची समझी रणनीति के साथ विरोध हुआ था। वो भी पूरे देश ने देखा। एक दौर ऐसा भी इस देश ने देखा जब स्वर्गीय राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे । और शाहबानो को गुजरा भत्ता न देना पड़े इसके लिए वो सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के लिए अध्यादेश लेकर आ गए थे। एक प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी और गृहमंत्री अमित भाई शाह की जोड़ी है जिसने देशहित में लाख विरोध के बावजूद भी अपने कदम पीछे नहीं खींचे। ये राष्ट्रवाद है, यह सोच भाजपा और संघ से संस्कारों से आती है कि देश प्रथम है। देश हित सबसे ऊपर हैं। पार्टी और परिवार से ऊपर…

तीन तलाक

मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की काली प्रथा से आजादी दिलाई। 6 साल के कार्यकाल में मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है तीन तलाक को खत्म करना। तीन तलाक कानून के तहत कोई भी मुस्लिम शख्स मौखिक, लिखित या किसी अन्य माध्यम से अपनी पत्नी को एक बार में तीन बार तलाक देता है तो वह अपराध माना जाएगा। ऐसी मुस्लिम महिलाएं जो तीन तलाक के डर के साए में जीने को मजबूर थीं अब आत्मसम्मान के साथ अपनी जिंदगी जी रही हैं। हमारे नेताओं ने देशहित और समाज हित में कभी भी वोटबैंक की चिंता नहीं की है। तीन तलाक को खत्म करते वक्त सरकार और पार्टी की अहसास था कि एक वर्ग नाराज होगा। लेकिन किसी की नाराजगी का मतलव यह नहीं है कि किसी के कानूनी हकों को मार दिया जाए।

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More