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गिरफ्त में आए लड़के वे नहीं जो वीडियो में हैं, मुस्लिम बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस पर उठाए सवाल, कहा – पुलिस ने गलत तहरीर दर्ज की

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नई दिल्ली – गाजियाबाद में एक मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई मामले में पीड़ित के बेटे ने पुलिस की कार्रवाई पर ही सवाल उठाए हैं। पीड़ित बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस की एफआईआर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोतवाल ने अपनी मर्जी से तहरीर लिखी। बुजुर्ग के बेटे बबलू सैफी ने आगे कहा कि हमने लोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन वहां के कोतवाल ने अपने आप से तहरीर लिख कर पिता से साइन करा लिया। वहीं अब इस मामले में फेक न्यूज फैलाने के आरोप में ट्वीटर इंडिया समेत 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज हो गई हैं।

पुलिस ने अपनी मर्जी से तहरीर लिखी

बबलू सैफी का कहना है कि हमने थाना लोनी में शिकायत दी थी लेकिन कोतवान ने अपनी मर्जी से तहरीर लिखी, कोतवाल ने कहा कि आपकी दाढ़ी कट गई तो कट जाने दीजिए, हवा आएगी तो आपको मजा आएगा। हमारे साथ जो हमारे मसीहा गए थे उमेत पहलवान उन्होंने कहा कि ये बात तुम्हारी गलत है। दाढ़ी मुस्लमान की पहचान है। आज इनके साथ हादसा हुआ कल मेरे साथ भी हो सकता हैं। ये भाषा गलत है इसे वापस लेकर आप तहरीर लिख लीजिए। लेकिन उन्होंने अपनी मर्जी से तहरीर लिख मेरे वालिद से दस्तखत करा लिए।

बबलू सैफी ने आगे कहा कि मेरे पिता ताबिज दने का काम नहीं करते हैं जो लोग इस तरह की खबर फैलाएं वह बेबुनियाद है। हम लुहार – बढ़ई का काम करते हैं और मेरा खुद का लकड़ी का काम हैं। ताबिज देने का इल्जाम गलत हैं। बुजुर्ग के बेटे बबलू सैफी ने आगे पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जिन लड़कों को पकड़ा है क्या वहीं लड़कें वीडियों दिख रहे हैं?

बबलू ने कहा कि जिस तरह से दिखाया जा रहा हैं कि हमने तीन लड़कों को पकड़ा है, ऐसे में यह भी जानना जरूरी है कि क्या जो लड़के वीडियों में दिखाई दे रहे हैं, वे वहीं हैं? बबलू ने कहा कि पुलिस उनसे कोई शिनाख्त नहीं करवाई हैं। सैफी से जब मारपीट करने वाले लड़कों के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उनका परिवार उनमें से किसी को नहीं जानता हैं।

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पुलिस ने क्या कहा –

इस पूरे प्रकरण को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने कहा प्रारंभिक जांच में यह मिला कि जिन शरारती तत्वों ने घटना को अंजाम वे पीड़ित के ही परिचित थे। पीड़ित ने उन्हें ताबिज बेचे थे और सकारात्मक परिणाम का अश्वासन दिया था, जब उन ताबिजों ने काम नहीं किया तो शरारती तत्वों ने गुस्से में पीट दिया। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।

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क्या है पूरा मामला

दो दिन पहले यानी की सोमवार को दिल्ली से सटे गाजियाबाद से एक मुस्लिम बुजुर्ग का वीडियो वायरल हुआ । वीडियों में साफ देखा जा सकता है कि बुजुर्ग शख्स मारने वाले शरारती तत्वों के आगे नतमस्तक हैं। बुजुर्ग लगातार हाथ जोड़ रहा हैं लेकिन मारने वाले उसकी सुन नहीं रहे हैं। घटना का वीडियो वायरल होते बुजुर्ग का एक वीडियों मंगलवार को वायरल हुआ जिसमें बुजुर्ग कह रहे हैं कि उन्हें कहीं जंगली इलाके में ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया, वहां पांच लोगों ने उनके साथ बूरा बर्ताव किया, उन्हें थप्पड़ मारे और जय श्री राम के नारे लगवाने को कहा। यहां तक कि उनकी दाढ़ी भी काट दी गई।

इस मामले में पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए ट्वीटर इंडिया समेत 9 लोगों पर फेक न्यूज फैलाने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज किया हैं।

आरोपियों में इनमें मोहम्मद जुबैर (को फाउंडर ALT न्यूज), राना अयूब (वरिष्ठ पत्रकार, गुजरात फाइल्स की लेखक), द वायर (न्यूज वेबसाइट), सलमान निजामी (कांग्रेस नेता), मसकूर उस्मानी (कांग्रेस नेता), समा मोहम्मद (कांग्रेस प्रवक्ता), सबा नकवी (वरिष्ठ पत्रकार), ट्विटर Inc और ट्विटर कम्यूनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 153 ए, 295ए, 505, 120 बी, और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

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