Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

केजरीवाल ने की जरूरत से 4 गुणा ज्यादा ऑक्सीजन की डिमांड, इससे 12 राज्यों की सप्लाई पर पड़ा असर – सुप्रीम कोर्ट

217

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

नई दिल्ली – कोरोना की दूसरी लहर के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत किस प्रकार देखी गई यह बात किसी से छिपी नहीं हैं। उस दौरान दिल्ली सरकार और केन्द्र के बीच ऑक्सीजन को लेकर काफी विवाद चला, केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार दिल्ली को जरूरत से कम ऑक्सीजन सप्लाई कर रही हैं। न्यायालय ने इस पर संज्ञान लिया और केंद्र को जरूरत करने के आदेश भी दिए, उस समय बत्रा समेत दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान भी गई, लेकिन अब ऑक्सीजन मामले में एक नया खुलासा सामने आया हैं। सुप्रीम कोर्ट की एक पैनल ने अपने अंतरीम रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली सरकार ने कोरोना संकट के पीक पर जरूरत से 4 गुणा ज्यादा ऑक्सीजन की मांग की। जिस वजह से 12 राज्यों की सप्लाई पर असर पड़ा।

Oxygen Cylinder

दिल्ली सरकार ने कोरोना के दूसरी लहर के बीच केंद्र सरकार से 1140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की डिमांड की थी। रिपोर्ट के मुताबिक ये दिल्ली की जरूरत से 4 गुणा ज्यादा हैं। दिल्ली में उस समय जितने ऑक्सीजन बेड थे उसके हिसाब से दिल्ली को मात्र 289 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ही जरूरत थी।

सुप्रीम पैनल की रिपोर्ट आने के बाद बीजेपी हमलावर हो गई हैं। दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा है कि केजरीवाल में शर्म बची हो तो उन्हें देश माफी मांगनी चाहिए।

- Advertisement -

रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य तौर पर दिल्ली में 284 से लेकर 372 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन ज्यादा सप्लाई की डिमांड करने के कारण दूसरे राज्यों पर इसका असर पड़ा। पैनल दिल्ली के 4 अस्पतालों के प्रबंधन से भी इस बारे में पूछताछ कर रहा है। इन अस्पतालों में बेड के हिसाब से ज्यादा ऑक्सीजन की खपत हुई है। इसमें सिंघल अस्पताल, अरुणा आसिफ अली अस्पताल, ईएसआईसी मॉडल अस्पताल और लिफेरे अस्पताल शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन अस्पतालों ने गलत डेटा दिया और दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया।

- Advertisement -

दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कोर्ट ने 12 लोगों की टास्क फोर्स बनाई थी जो ऑक्सीजन सप्लाई और डिमांड पर रिपोर्ट बनाएं, कोर्ट ने सप्लाई और डिमांड की ऑडिट रिपोर्ट मांगी थी। 12 लोगों में 10 मशहूर डॉक्टरों के अलावा दो सरकारी अधिकारी भी  शामिल हैं। कोर्ट ने कमेटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए 6 महीने का समय दिया था।

इसे भी पढ़ेबिहार में अजब – गजब कारनामें – STET के रिजल्ट में मलयालम अभिनेत्री की फोटो, आरजेडी प्रवक्ता ने लिखा – परिक्षा व्यवस्था या क्रूर मजाक ? – Thejantarmantar

परिसीमन के बाद होंगे जम्मू काश्मीर में विधानसभा चुनाव, PM ने काश्मीरी राजनेताओं को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का भरोसा दिया, जानिए किसने क्या कहा.. – Thejantarmantar

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More