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127वें संशोधन विधेयक के बाद यूपी में यादव, कुर्मी और गुर्जर होंगे OBC लिस्ट से बाहर, समाजवादी पार्टी ने जताई आशंका, पढ़े पूरी खबर

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नई दिल्ली – संसद से 127वें संशोधन विधेयक के पास होते ही कई राज्यों में आरक्षण को लेकर उथल – पूथल शुरू हो गई हैं। 127वें संशोधन यानी की ओबीसी आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष ने तो अपना समर्थन दे दिया हैं लेकिन कई दलों ने आरक्षण की मांग को 50 फीसदी से ज्यादा करने की मांग भी उठा दी हैं।

मंगलवार को लोकसभा में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद आज राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी यही बात उठाई। इसी के साथ रामगोपाल यादव ने एक आशंका भी जाहिर कर दी। राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान रामगोपाल ने कहा कि ऐसी चर्चा है कि विधेयक के कानून बनने के बाद यूपी में तीन जातियों- यादव, गुर्जर और कुर्मी (Yadav,Kurmi,Gurjar) को ओबीसी लिस्ट (OBC List) से हटा दिया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, विधेयक के कानून बनने के बाद जो राज्यों को ओबीसी लिस्ट(OBC List) में शामिल करने और बाहर करने का अधिकार मिलेगा ,उसका तब तक कोई लाभ नहीं जब तक रिजर्वेशन की सीमा की कैप बढ़ाकर 50 फीसदी न कर दिया जाए। उन्होंने आगे कहा, ‘अभी जो जातियां ओबीसी लिस्ट(OBC List) में हैं, अब उनके अलावा नई जातियां जोड़ी जाएंगी। मान लीजिए 7 फीसदी नई जातियां जोड़ दी गईं। यूपी में पिछड़ी जातियों के लिए 27 फीसदी आरक्षण है, 7 फीसदी और नई जातियां आ जाएंगी तो मौजूदा ओबीसी समुदायों को नुकसान होगा।’

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जानिए सपा सांसद के बयान के मायने

सपा सांसद ने आगे कहा ‘मुझे एक आशंका है कि जब नई तैयार होगी तो भाजपा सरकार जो मौजूदा पिछड़ी जातियां हैं उनमें से तीन जातियां- यादव, कुर्मी और गुर्जर (Yadav,Kurmi,Gurjar) को लिस्ट से बाहर कर देगी। ये अभी चर्चा है और आगे चलकर ये होगा ही। कोई न कोई बहाना ढूंढकर इन जातियों को बाहर किया जाएगा।’

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यूपी चुनाव के मद्देनजर सपा सांसद रामगोपाल यादव ने अपने इस बयान से एक मास्टर स्ट्रोक खेल दिया हैं। दरअसल सपा यह हरगिज नहीं चाहती कि उसके सबसे बड़े कोर वोटर यादवों को इस लिस्ट से बाहर किया जाए और उन्हें आरक्षण के लाभ से मोहताज रहना पड़े। वहीं सूत्रों के मुताबिक, सपा ने योगी सरकार पर भी निशाना साधा है ताकि यह नैरेटिव सेट किया जा सके कि बीजेपी इन पिछड़ी जातियों का आरक्षण छीन रही है। यूपी में इन दिनों सभी दल पिछड़ा वोटबैंक को लुभाने की राजनीति कर रहे हैं और खुद को उनका हितैषी साबित करने में लगे हैं।

यूपी में यादव और कुर्मी है सम्पन्न जातियां

कहा जाता है कि यूपी में पिछड़ी जातियों में आरक्षण का सबसे अधिक फायदा यादव, कुर्मी, जाट और कुशवाहा समुदाय को मिल रहा है जबकि अन्य पिछड़ी जातियां काफी समय से आरक्षण की मांग करती रही हैं। वर्ष 2018 में योगी सरकार ने 4 सदस्यीय उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति का गठन किया था। इस समिति ने यादव और कुर्मी(Yadav, Kurmi) जातियों को संपन्न बताया था। समिति की रिपोर्ट के अनुसार, यादव और कुर्मी दोनों जातियां न सिर्फ सांस्कृतिक बल्कि आर्थिक और राजनीतिक रूप से सक्षम है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि यूपी में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए रोजगार के अवसर जनसंख्या के मुकाबले आधे हैं जबकि कुछ यादव और कुर्मी जैसी उप जातियों को नौकरी के मौके ज्यादा मिल रहे हैं। जिनको मध्यम वर्ग की श्रेणी में रखा जा सकता है। ऐसे में सपा को डर है कि योगी सरकार संशोधन का अधिकार मिलने के बाद इन दलों को आरक्षण सूची से बाहर कर सकती है।

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