Thejantarmantar
Latest Hindi news , discuss, debate ,dissent

- Advertisement -

एक महीने में गौतम अडानी 3 से 33वें नंबर पर खिसके, हिंडनबर्ग रिपोर्ट अडानी सांगी भी डूबे!

0 126

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Advertisement -

कभी दुनिया के तीसरे सबसे अमीर उद्योगपति रहने वाले गौतम अडानी (Guatam Adani) के पास सिर्प 1 तिहाई संपत्ति ही रह गई है। गौतम अडानी जो 130 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ एक महीने पहले तक दुनिया के तीसरे अमीर शख्स थे, एक महीने में फिसलकर 33वें नंबर पर पहुंच गए है। फोर्ब्स के रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट में गौतम अडानी 35 अरब डॉलर के साथ 33वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गौरतलब है

कि ये सब अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद हुआ है। 24 जनवरी को जब शॉर्ट सेलर कंपनी ने अडानी समूह के खिलाफ अपनी रिपोर्ट जारी की, तब उनकी संपत्ति 127 अरब डॉलर थी। चंद दिनों में ही इस रिपोर्ट ने उन्हें 33वें पायदान पर पहुंचा दिया। पिछले एक महीने में अडानी समूह में काफी कुछ देखने को मिला है

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद क्या-क्या हुआ

हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर अकाउंटिंग फ्रॉड , शेयरों की कीमतों में ओवरप्राइसिंग समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। अपनी रिपोर्ट में हिंडनबर्ग ने कहा था कि अडानी सूह की कंपनियों के शेयरों के दाम 85 फीसदी तक अधिक हैं और आज उसकी भविष्यवाणी सच साबित हुई है।

अडानी के शेयर 85 फीसदी तक गिर चुके हैं। गौतम अडानी को ही नहीं, उनके निवेशकों को भी भारी नुकसान हुआ है। एक नजर डालते हैं एक महीने में अडानी समेत किसे-किसे कितना नुकसान हुआ है।

- Advertisement -

गौतम अडानी को सबसे बड़ा नुकसान

गौतम अडानी की निजी संपत्ति गिरकर मात्र 35 अरब डॉलर रह गई है। 24 जनवरी से लेकर 24 फरवरी के बीच में गौतम अडानी का नेटवर्थ 127 अरब डॉलर से गिरकर 35 अरब डॉलर तक गिर गया है।

एक महीने में उनकी दौलत दो-तिहाई स्वाहा हो चुकी है। अब गौतम अडानी के पास मात्र 1 तिहाई संपत्ति बच गई है। अगर ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में देखें को गौतम अडानी की संपत्ति गिरकर 40 अरब डॉलर के पास रह गई हैं।

अडानी के शेयरों का कत्लेआम

- Advertisement -

अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अडानी के शेयरों की कीमत 85 फीसदी तक गिर चुकी है। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर जो 23 जनवरी को 3436 रुपये पर बंद हुए थे वो 60 फीसदी गिरकर 1382.65 रुपये पर पहुंच गए हैं।

अडानी टोटल के शेयर जो 23 जनवरी को 3901 रुपये पर बंद हुए थे, वो 80 पीसदी गिरकर 791 रुपये पर बंद हुआ। अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर जो एक महीने पहले 1932 रुपये पर थं, गिरकर 512 रुपये पर पहुंच चुके हैं। ये गिरावट सिर्फ नंबर नहीं है। ये दिखाते हैं कि अडानी के निवेशकों को इस रिपोर्ट से कितना बड़ा नुकसान हुआ है।

LIC को झटका

गौतम अडानी के शेयरों की कीमतों में भारी नुकसान हुआ है। इन निवेशकों में LIC सबसे बड़ा निवेशक हैं, जिसे इस रिपोर्ट के आने के बाद से भारी नुकसान हुआ है।

अडानी की 5 कंपनियों में एलआईसी का बड़ा निवेश है। 24 जनवरी को अडानी की कंपनियों में एलआईसी का कुल निवेश 72193.87 करोड़ रुपये का था, जो 23 फरवरी को घटकर 26,861.88 रुपये रह गया।

यानी अडानी की कंपनियों में एलआईसी का निवेश 62.79 फीसदी तक गिर गया है। इतना ही नहीं एलआईसी पर पर दोहरी मार पड़ी है। अडानी के शेयरों में 17 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है।

SBI को भी झटका

गौतम अडानी को लगे झटके का असर एसबीआई के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है। गौतम अडानी की की कंपनियों को एसबीआई ने बारी भरकम कर्ज दिया है।

अगर कंपनी ये कर्ज नहीं चुका पाती है तो बैंक को बड़ा नुकसान होगा। इस डर से एसबीआई के निवेशक भी शेयर बेचकर निकल रहे हैं। 24 जनवरी को जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई तो एसबीआई के शेयर 604.60 रुपये पर बंद हुआ था।

23 फरवरी को कंपनी के शेयर गिरकर 521 रुपये पर पहुंच गए। एक महीने में एसबीआई के शेयर 14 फीसदी तक टूट गए। यानी देखा जाए तो हिंडबर्ग की रिपोर्ट के आंच सिर्फ अडानी तक ही नहीं सीमित रही, बल्कि उनसे जुड़े लोगों को भी इसका नुकसान हो रहा है

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More