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चिराग़ पासवान- फ़्लॉप फ़िल्मी हीरो से लेकर हिट राजनैतिक हीरो तक

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नई दिल्ली- राजनैतिक दुनिया के चमकते सितारों में से एक चिराग पासवान, हाजीपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के सांसद, हाल ही में सोशल मिडिया पर छाये हुए हैं , जो  लड़कियों के दिल के  धड़कन बने हैं तो चलिए  आपको बताते हैं कि  चिराग पासवान के राजनीति में कदम रखने से पूर्व  जीवन की कुछ बातें। चिराग पासवान का पूरा नाम चिराग कुमार पासवान है , जिनका जन्म  31 अक्टूबर 1982 को बिहार के खगरिया में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक वही  इनकी माता रीना शर्मा जो अमृतसर के पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक़ रखती हैं और एयर होस्टेस रही हैं । चिराग ने अपनी स्कूलिंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल से की है। इसके बाद  उन्होंने 2005 में झांसी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान से  बी.टेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग तीसरा सेमेस्टर ही पूरा किया है और  कॉलेज छोड़ दिया इसके बाद, उन्होंने बॉलीवुड में पैर ज़माने की कोशिश की और चिराग को 2011 में कंगना रनौत के साथ हिंदी फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ में  अभिनय करने का मौका मिला , फिल्म ना चलने की वजह  से  चिराग ने अपने पिता की पार्टी  लोक जनशक्ति पार्टी को जॉइन किया और    2014 के चुनावों में लोक जनशक्ति पार्टी के लिए जमुई की सीट से चुनाव लड़ा । उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्यासी  सुधांशु शेखर भास्कर को 85,000 से अधिक मतों से हराकर सीट जीती।आपको बता दे की  चिराग को 15 सितंबर. 2014  सतर्कता और निगरानी कक्ष, जमुई के अध्यक्ष रूप में भी  नियुक्त किया गया था। इसके इसके साथ ही  साथ चिराग   सदस्य बन गए, हिंदी सलाहकार समिति, आर्थिक मामलों के विभाग और वित्तीय सेवाओं, वित्त मंत्रालय और पारिवारिक स्थानीय क्षेत्र विकास योजनाओं (एमपीएलडीएस) के । 

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इसके बाद जब 2019  का चुनाव आया तो  पासवान ने अपनी सीट बरकरार रखी, कुल 528,771 वोट हासिल किए और  भूदेव चौधरी को हराया।  चिराग एक एनजीओ के भी मालिक हैं , जो अपने राज्य के बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार मुहैया कराते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से पहले, चिराग पासवान ने बिहार के युवाओं का ध्यान आकर्षित करने के लिए बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट अभियान शुरू किया। बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट अभियान का उद्देश्य बिहार राज्य का पूर्ण विकास करना है। पासवान ने यह भी कहा कि बिहार को ‘नंबर वन’ राज्य बनाने की अत्यंत आवश्यकता है।

अपने पिता रामविलास पासवान की देख – रेख में   2019 से 2021 तक लोक जनशक्ति पार्टी के दूसरे अध्यक्ष  बने  रहे , पिता रामविलास पासवान के देहांत के बाद लोक जनशक्ति पार्टी का कमान संभाला , चिराग हाल ही में हुए  2024 के चुनाव में  हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से अपनी  सांसद की गद्दी जमाये रखी हैं और 10 जून 2024 को, चिराग को  भारत में खाद्य प्रसंस्करण के लिए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में नामित किया गया है।

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