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क्या हरियाणा की राजनीति में उथल-पुथल होने वाली है, चौधरी बीरेंद्र सिंह रैली पर टिकी सबकी निगाहें?

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चंडीगढ़- चौधरी बीरेंद्र सिंह हरियाणा की राजनीति के दिग्गज नेता है। उनका राजनैतिक अनुभव पांच दशक का है। वह कई राजनैतिक दलों में रह चुके हैं फिलहाल भाजपा में अपनी राजनैतिक पारी खेल रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। किसान आंदोलन के दौरान उनके बयान भाजपा को असहज भी करते रहे हैं। किसान आंदोलन के दौरान चौधरी बीरेंद्र सिंह खुल कर किसानों के पक्ष में बोलते दिखे थे। उनके इन्हीं बयानों को लेकर लोग अंदाजा लगा रहे थे कि उनका भाजपा के मोह भंग हो गया है।

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों से बदलेगा बीरेंद्र सिंह का मन

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हाल में सम्पन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों ने यह साफ कर दिया है कि निकट भविष्य में भाजपा को कोई भी राजनैतिक चुनौती नहीं मिलने जा रही है। भाजपा का राजनैतिक वर्चस्व अभी ज्योंकी त्यों बना रहेगा। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चौधरी बीरेंद्र सिंह अभी फिलहाल उस स्थिति में है कि भाजपा के खिलाफ अभी भी मोर्चा खोले रह सकें जबकि उनके सांसज बेटे बृजेन्द्र सिंह भाजपा से सांसद है। 25 मार्च को चौधरी बीरेंद्र सिंह उचाना में एक बड़ी राजनैतिक रैली करने वाले हैं इस रैली को लेकर चंडीगढ़ कर चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार बीरेंद्र सिंह के जन्मदिन 25 को आयोजित होने वाली इस रैली में उनसे जुड़े रहे सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। उनके बेटे बृजेंद्र सिंह का कहना है कि चौधरी बीरेंद्र सिंह के सार्वजनिक जीवन के 50 साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में उनके 25 मार्च को इस जन्म दिन पर कुछ खास रहेगा। बीरेंद्र सिंह से जुड़े प्रमुख नेताओं को चाहे वे किसी भी दल के हों, सभी को इसमें आमंत्रित किया गया है।

क्या केजरीवाल होंगे उनकी रैली में शामिल ?

दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक चर्चाएं आम है कि बीरेंद्र सिंह की उचाना में होने वाली रैली में केजरीवाल भी शामिल हो सकते हैं लेकिन केजरीवाल इस रैली में शामिल होगें इसकी अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। अगर केजरीवाल इस रैली में शामिल होेते हैं तो हरियाणा में एक नया राजनैतिक समीकरण जन्म ले सकता है। केजरीवाल को हरियाणा में पैर पसारने के लिए एक ऐसे चेहरे की तलाश है जिस पर हरियाणा के लोग भरोसा करते हों। बीरेंद्र सिंह की लोकप्रियता और राजनैतिक अनुभव को देखते हुए उनकी यह तलाश चौधरी बीरेंद्र सिंह पर जाकर खत्म होती है। वैसे भी पंजाब के चुनावों परिणामों के बाद केजरीवाल की राजनैतिक महत्वकंक्षाएं हिलोरे ले रही है। कांग्रेस को फिलहाल कुछ सूझ नहीं रहा है। ऐसे में आम आदमी पार्टी हरियाणा में खुद को मजबूत करने के लिए चौधरी बीरेंद्र सिंह को अप्रैल होने वाले राज्यसभा चुनावों में पंजाब से प्रत्याशी बनाकर हरियाणा में अपनी जड़े जमाने की कोशिश कर सकती है।

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