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Stock Market: शेयर बाजार में अब भी निवेश के अवसर, फिक्स्ड आय वाले साधनों में पैसे लगाना बेहतर

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शेयर बाजार एक ऐसा निवेश का साधन है, जहां आप लंबे समय के लिए दांव लगा सकते हैं। आंकड़े बताते हैं कि लंबे समय में शेयर बाजार ने कभी घाटा नहीं दिया है, पर इसके लिए आपको धैर्य रखने की जरूरत होगी। आगे बाजार की दिशा किस तरह की रहेगी शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से भारी उतार-चढ़ाव का दौर है। सेंसेक्स कभी 500 अंक गिर जाता है तो कभी 900 अंक तक बढ़ जाता है।

बाजार की यह चाल उन निवेशकों को ज्यादा परेशान करती है, जो नए हैं या बस अनुमान और रिपोर्ट के आधार पर निवेश करते हैं। ऐसे निवेशकों को तो रुढ़िवादी निवेश के साधनों को अपनाना चाहिए। पर, अगर आप लंबे समय के लिए निवेश में बने रहना चाहते हैं तो अन्य साधनों की तुलना में यहां बेहतर फायदा मिल सकता है।

दरअसल, शेयर बाजार का रिटर्न कभी भी सीधी रेखा में नहीं होता है। ऐसे में उतार-चढ़ाव से अगर आप घबरा रहे हैं तो फिर आपके लिए किसी फिक्स्ड आय वाले साधनों में निवेश करने पर विचार करना चाहिए। बाजार हमेशा एक घूमाव वाले रास्ते पर ही चलता है।

लेकिन, लंबे समय में इसका जो परिणाम होता है, वह आपको फायदे के रूप में ही मिलता है। यहां तक कि 2008, 2013 और 2020 में बाजार की भारी भरकम गिरावट को देखें तो उसके बाद निवेशकों को जितना लाभ मिला है, वह सामान्य दिनों में नहीं मिला है। पिछले तीन महीने से बाजार की ऐसी ही कुछ दिशा और दशा रही है।

एफआईआई की वापसी

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जनवरी में 28,852 करोड़ रुपये और फरवरी में 5,294 करोड़ रुपये शेयर बाजार से निकालने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मार्च के पहले ही तीन दिनों में अच्छी खासी खरीदारी की है।

आंकड़े बताते हैं कि मार्च में 8,939 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। यानी रुझान यह है कि लगातार निकासी कर रहे एफआईआई अब वापसी कर रहे हैं तो निश्चित तौर पर बाजार पर इसका सकारात्मक असर दिखेगा।

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बाजार में दिख रहा है स्थिरता का रुझान

बाजार में भले ही उतार-चढ़ाव है, पर अब स्थिरता दिख रही है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से जो बवाल मचा था, वह अब शांत होता नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह के चार कारोबारी दिन में अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में 57 फीसदी तक की बढ़त आ चुकी है।

कंपनियों का बाजार पूंजीकरण भी 1.74 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुका है। इससे पता चल रहा है कि यह तूफान थमता नजर आ रहा है। साथ ही, अदाणी समूह ने 21 करोड़ शेयर बेचकर 15,446 करोड़ जुटाकर बैलेंसशीट को मजबूत करने की कोशिश की है।

फेडरल रिजर्व पर भी नजर

वैसे आने वाले समय में अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर सभी की निगाहें हैं। अमेरिका का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को फिर से बढ़ाने के पक्ष में है। साथ ही, आरबीआई भी अप्रैल में एक बार फिर ब्याज दरों को बढ़ा सकता है। ऐसे में शेयर बाजार पर कुछ नकारात्मक असर दिख सकता है।

हालांकि, आप निवेश करना चाहते हैं तो ऐसी घटनाओं को अलग कर लंबे समय के लिए पैसे लगा सकते हैं। अमेरिका में 10 मार्च को बेरोजगारी के आंकड़े आने हैं और यह भी बाजारों को प्रभावित करेगा, जबकि इसी दिन भारत में औद्योगिक उत्पादन के भी आंकड़े आने हैं।

निफ्टी में बनी रह सकती है सकारात्मकता

तकनीकी तौर पर, निफ्टी ने शॉर्ट कवरिंग बाउंस में अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज को फिर से हासिल कर लिया है। अगर निफ्टी अपनी शुरुआती बढ़त बनाए रखता है, तो आगे भी इसकी सकारात्मक गति जारी रह सकती है। -प्रवेश गौर, टेक्निल विश्लेषक, स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि विश्लेषकों का मानना है कि अगर निफ्टी 17,750 के ऊपर जाता है तो फिर यह 17,900 के आंकड़े तक जा सकता है। इसमें सकारात्मत चाल बनी रह सकती है।

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