मैं कस्टम आफिस से बोल रही हूं, आपका कीमती उपहार आया है
कीमती उपहार भेजने के नाम पर ठगी, नाइजीरियन गैंग के 8 गिरफ्तार
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नोएडा। महिलाएं व युवतियों को दोस्ती के जाल में फंसा कर कीमती उपहार भेजने के नाम पर लाखों रुपयों की ठगी करने वाले ने नाइजीरियन गैंग के दो महिलाओं समेत आठ शातिर बदमाशों को थाना सेक्टर-20 पुलिस तथा साईबर/आईटी सेल ने संयुक्त रूप से गिरफ्तार किया है। बदमाश दोस्त बनाएं महिलाएं व युवतियों को यह कहकर ठगी करते थे कि मैं मुबई कस्टम आफिस से बोल रही हूं। आपके मित्र ने आपको गोल्ड ज्वैलरी, महंगी घड़ी व फोन इत्यादी सामान भेजा है। इसके लिए आपको कस्टम ड्यूटी (टैक्स) जमा करनी पड़ेगी।
अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम ) शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि 11 अगस्त वर्ष 2022 को मीना नामक नर्स ने थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से उससे संपर्क किया तथा अपने आपको एनआरआई बताया। उक्त व्यक्ति ने उससे कहा कि वह उसको कीमती उपहार भेज रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन बाद अपने आपको कस्टम अधिकारी बताने वाली एक महिला ने उसको फोन किया तथा कहा कि वह मुंबई एयरपोर्ट से कस्टम अधिकारी बोल रही है। आपके दोस्त ने आपको कीमती उपहार भेजा है। कस्टम ड्यूटी के एवज में कुछ रकम जमा करानी होगी। जब पीड़िता ने कस्टम ड्यूटी देने से मना किया तो उसे विभिन्न जांच एजेंसियों का भय दिखाकर 3 लाख 2 हजार रुपए जमा करवा लिया गया। पीड़िता की शिकायत पर घटना की रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच रही पुलिस ने आज इस मामले में नाइजीरिया मूल के जोना डेका, डेलियन जोन, हिबिब फोनसा, केल्विन ओकाफोर, ऊंच्चेना, राधिका चैत्री (दार्जिलिंग की रहने वाली) इकशा सगीर, ओयोमा लीसा सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने 3 लैपटॉप, 31 मोबाइल फोन, 31 हजार 500 रुपए नगद, 5 पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड आदि बरामद किया है।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने भारत के विभिन्न जगहों पर रहने वाली दर्जनों महिलाओं को दोस्ती के जाल में फंसा कर उनसे लाखों की ठगी की है। आरोपी अपने आप को एनआरआई या किसी विकसित राष्ट्र का नागरिक बताकर महिलाओं से दोस्ती करते हैं, तथा उन्हें कीमती उपहार उपहार भेजने के नाम पर उनको अपने जाल में फंसाते हैं। गिरफ्तार महिला राधिका चैत्री दार्जिलिंग की रहने वाली है। उसे आरोपियों द्वारा कस्टम अधिकारी के रूप में पेश किया जाता था, क्योंकि वह हिन्दी बोलना जानती थी, जिससे वह महिला मित्रों से हिन्दी में वार्ता कर ठगी करती थी। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों का एक संगठित गिरोह है। यह मूल रूप से अफ्रिका महाद्वीप के नाइजीरिया, घाना व आबिदजान देश के निवासी है। जो भारत में वर्ष 2021 में पढाई एवं इलाज के वीजा पर आए थे। इनके वीजा की समय अवधि 2021 के 06 माह पश्चात समाप्त हो चुकी थी। समयावधि समाप्त होने के उपरान्त भी यह आरोपी अपने मूल देश वापस नहीं गए और भारत में रहकर अपराध कारित करने लगे।
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